अयोध्या/5 नवंबर 2026: रामनगरी अयोध्या इन दिनों दीपोत्सव के रंग में रंगी नजर आ रही है। कहीं फूलों से सजे तोरण द्वार श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहे हैं, तो कहीं रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते मार्ग उत्सव की भव्यता बयां कर रहे हैं। रामपथ से लेकर राम की पैड़ी तक हर कोना दीपोत्सव की तैयारियों से दमक उठा है। भगवान श्रीराम के स्वागत में अयोध्या का शृंगार इस तरह किया जा रहा है कि मानो त्रेतायुग की दिव्य छटा एक बार फिर जीवंत हो उठी हो।
पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के साथ हो चुका है। सात नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। राम की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। आयोजन को भव्य बनाने के लिए 25 से अधिक विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तैयारियों में जुटे हैं।
Ayodhya Deepotsav 2026: रामपथ से राम की पैड़ी तक रोशनी का अद्भुत नजारा
अयोध्याधाम में उदया चौराहे, चूड़ामणि चौराहे, धर्मपथ और लता चौक की ओर बढ़ते ही दीपोत्सव की भव्यता का एहसास होने लगता है। रामपथ पर कदम रखते ही नजर सड़क के डिवाइडर से लेकर दोनों ओर लगे होर्डिंग पर ठहर जाती है। इन पर भगवान श्रीराम की लंका विजय, 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने और रामराज्य की परिकल्पना को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
कहीं रामायण की चौपाइयां रामराज्य का संदेश दे रही हैं, तो कहीं भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन का उल्लास चित्रित है। ‘दैहिक दैविक भौतिक तापा…’ और ‘कंचन कलश बिचित्र संवारे…’ जैसी चौपाइयों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को उकेरा गया है।
लता चौक तक पहुंचते-पहुंचते उत्सव की रौनक और बढ़ जाती है। राम की पैड़ी पर पहुंचने के बाद दृश्य और भी मनमोहक हो उठता है। सरयू के घाटों पर स्वयंसेवक दीपों की कतारें सजाने में जुटे हैं। कोई दीपों को करीने से बिछा रहा है, तो कोई घाटों की साज-सज्जा को अंतिम रूप दे रहा है। शाम की रोशनी में घाटों की यह तैयारी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रही है।
दीपोत्सव में लेजर शो, ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग की तैयारी
इस बार दीपोत्सव में पारंपरिक दीपों के साथ आधुनिक तकनीक का भी संगम देखने को मिलेगा। विभिन्न विभागों के कर्मचारी लेजर शो, ड्रोन शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के रिहर्सल में व्यस्त हैं। इन प्रस्तुतियों के जरिए रामायण के प्रसंगों और भगवान श्रीराम की जीवन यात्रा को आकर्षक अंदाज में दर्शाने की तैयारी है।
दीपोत्सव की खासियत यही है कि यहां आस्था और आधुनिकता एक साथ दिखाई देती हैं। सरयू के घाटों पर दीपों की पारंपरिक सजावट के बीच तकनीक आधारित प्रस्तुतियां आयोजन को नया आयाम देंगी।
राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर फूलों से हो रहा भव्य शृंगार
साकेत महाविद्यालय से आगे टेढ़ी बाजार चौराहे की ओर बढ़ते ही वातावरण में रामधुन की मधुर गूंज सुनाई देने लगती है। रास्तों पर बजती रामधुन श्रद्धालुओं और राहगीरों को ठहरकर उत्सव का आनंद लेने के लिए प्रेरित कर रही है।
राम मंदिर के आदि शंकराचार्य द्वार और जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार पर भव्य तोरण द्वार तैयार किए जा रहे हैं। इनका फूलों से शृंगार किया जा रहा है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर भी आकर्षक झांकी सजाई जा रही है। मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों की सजावट दीपोत्सव की भव्यता को और बढ़ा रही है।
गोंडा सीमा तक पहुंची दीपोत्सव की चमक, सरयू पुल पर विशेष सजावट
अयोध्या दीपोत्सव की रौनक केवल शहर तक सीमित नहीं है। इसकी चमक गोंडा सीमा तक पहुंच रही है। पुराने सरयू पुल को रोशनी, फूलों और तोरण द्वारों से सजाया जा रहा है। पुल पर विशेष प्रकाश सज्जा के साथ आतिशबाजी का आयोजन भी प्रस्तावित है।
सरयू के इस पार से उस पार तक जगमगाती रोशनी रामनगरी में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करेगी। शाम होते ही अयोध्या की भव्यता देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है।
सात नवंबर को होगा दीपोत्सव का मुख्य आयोजन
अयोध्या में पांच दिवसीय दीपोत्सव के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सजावट का सिलसिला शुरू हो चुका है। सात नवंबर को मुख्य आयोजन के दौरान रामकथा पार्क में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे।
राम की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर 30 लाख दीप जलाने की तैयारी है। इस आयोजन में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
रामनगरी की गलियों से लेकर सरयू के घाटों तक दीपोत्सव की रौनक यह संदेश दे रही है कि अयोध्या में दीपों का यह पर्व केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक भी है।








