नई दिल्ली/5 नवंबर 2026: एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देश को गौरवान्वित किया है। इस शानदार उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पदक विजेता पैरा एथलीटों से मुलाकात की। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के हौसले, मेहनत और जज्बे की जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल पदक ही नहीं जीते, बल्कि करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीत लिया है। उन्होंने पैरा एथलीटों को अब 2028 लॉस एंजिलिस पैरा ओलंपिक की तैयारी में जुटने का लक्ष्य दिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे। भारत ने एशियन पैरा गेम्स में अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक हासिल किए। इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री ने भारतीय खेल जगत में बदलते माहौल और युवाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक बताया।
पीएम मोदी ने पैरा खिलाड़ियों से की मुलाकात, मेडल देखकर बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पैरा एथलीटों से मुलाकात के साथ हुई। पीएम मोदी खिलाड़ियों के बीच पहुंचे, उनसे बातचीत की और उनके अनुभव सुने। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कुछ खिलाड़ियों को मिठाई खिलाकर उनकी सफलता की खुशी साझा की।
पैरा एथलीट नवीन कुमार से भी प्रधानमंत्री ने मुलाकात की। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत हुई। कई खिलाड़ी अपने पदक प्रधानमंत्री को दिखाते नजर आए, जबकि कुछ ने उनसे ऑटोग्राफ भी लिया।
खिलाड़ियों के चेहरों पर उपलब्धि की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। प्रधानमंत्री ने भी उनका उत्साह बढ़ाया और पीठ थपथपाकर उनके प्रयासों की सराहना की।
‘मेडल के साथ करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीता’
पैरा एथलीटों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें खिलाड़ियों से मिलने का काफी इंतजार था। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात हुई थी और अब ऊर्जावान पैरा एथलीटों के बीच आने का अवसर मिला है।
पीएम मोदी ने कहा कि इतने बड़े मंच पर खिलाड़ियों ने पदक जीतने के साथ-साथ करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीता है। उन्होंने खिलाड़ियों के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि सबसे ऊंची उड़ान हौसलों से होती है।
प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उनका संदेश साफ था कि शारीरिक चुनौतियां किसी खिलाड़ी के सपनों की सीमा तय नहीं कर सकतीं। मेहनत, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
14 से 114 पदक तक पहुंचा भारत, पैरा एथलीटों ने रचा इतिहास
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के पैरा एशियन गेम्स में प्रदर्शन की तुलना करते हुए कहा कि एक समय खेलों में भागीदारी कई बार औपचारिकता तक सीमित रह जाती थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में भारत ने पैरा एशियन गेम्स में 14 पदक जीते थे, जबकि इस बार भारतीय खिलाड़ी 114 पदकों के साथ लौटे हैं। यह उपलब्धि खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम और देश में खेलों के प्रति बढ़ते प्रोत्साहन को दर्शाती है।
इस बार भारत ने कुल 114 पदक हासिल किए, जिनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल रहे। खिलाड़ियों ने पांच विश्व रिकॉर्ड भी बनाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार 34 बेटियों ने पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। वहीं, चार स्पर्धाओं में पोडियम के तीनों स्थानों पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा रहा। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय पैरा खेल अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रतिस्पर्धा में मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।
‘युवाओं की भागीदारी आज के भारत की तस्वीर’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैरा एशियन गेम्स में युवा खिलाड़ियों की भागीदारी को भारत के बदलते खेल भविष्य का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि इस बार कई ऐसी स्पर्धाओं में पदक मिले, जिनमें भारत को पहले सफलता नहीं मिली थी।
पीएम मोदी ने पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि नए-नए खेलों में युवा खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और देश को नए चैंपियन मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार 61 खिलाड़ियों ने पहली बार पैरा एशियन गेम्स में हिस्सा लिया और पदक जीतकर लौटे। संदीप ने तो अपने पदार्पण में ही विश्व रिकॉर्ड बना दिया।
मोदी ने कहा कि युवाओं की भागीदारी आज के भारत की तस्वीर है और यह भविष्य के भारत का उद्घोष भी है। उनके मुताबिक, देश में खेलों को लेकर बढ़ती जागरूकता और अवसरों का विस्तार नई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका दे रहा है।
खेलो इंडिया और TOPS योजना से खिलाड़ियों को मिला प्रोत्साहन
प्रधानमंत्री ने खेलों के विकास के लिए सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को हार के बाद फिर उठकर जीतने का तरीका सिखाते हैं। साथ ही अनुशासन और टीम भावना का महत्व भी समझाते हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि देश में आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने के लिए स्कूलों और जमीनी स्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में खेलो इंडिया सेंटर स्थापित किए गए हैं। खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की तैयारी उपलब्ध कराने के लिए टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) भी शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि लाल किले से टैलेंट हंट के जरिए युवाओं को खेलों में आगे आने का आह्वान किया गया था। आज उसी प्रयास के परिणामस्वरूप प्रतिभाशाली खिलाड़ी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस प्रतियोगिता में TOPS से सहायता प्राप्त खिलाड़ियों ने 41 पदक जीते, जबकि खेलो इंडिया के खिलाड़ियों ने 19 पदक हासिल किए। उन्होंने इसे सरकार के प्रयासों की सकारात्मक दिशा का संकेत बताया।
2028 लॉस एंजिलिस पैरा ओलंपिक अब अगला लक्ष्य
114 पदकों की ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को आगे की तैयारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब सभी पैरा एथलीटों को 2028 लॉस एंजिलिस पैरा ओलंपिक के लिए जुट जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री का संदेश था कि सफलता के बाद रुकना नहीं है। एशियन पैरा गेम्स में मिली उपलब्धि को अगले बड़े लक्ष्य की तैयारी का आधार बनाना होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा लगातार कठिन हो रही है, इसलिए खिलाड़ियों को अपनी तैयारी, तकनीक और फिटनेस पर लगातार काम करना होगा।
‘खिलाड़ियों का गियर भी मेड इन इंडिया होना चाहिए’
प्रधानमंत्री मोदी ने खेलों के साथ-साथ देश में स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब समय है कि भारत खेल उपकरणों के निर्माण में भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करे।
पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई भारतीय खिलाड़ी मैदान में उतरे तो उसका स्पोर्ट्स गियर, यहां तक कि जूते भी मेड इन इंडिया होने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के खिलाड़ी विश्वस्तरीय हों और उनके इस्तेमाल के उपकरण भी विश्वस्तरीय हों।
प्रधानमंत्री के इस बयान में खेलों के विकास के साथ आत्मनिर्भर भारत की सोच भी दिखाई दी। उनका मानना है कि खेल प्रतिभा को बेहतर सुविधाएं देने के साथ देश में खेल उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देना भी जरूरी है।
एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों की 114 पदकों की उपलब्धि ने देश के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए अब 2028 लॉस एंजिलिस पैरा ओलंपिक की तैयारी का आह्वान किया। युवा खिलाड़ियों का बढ़ता प्रदर्शन, सरकारी योजनाओं से मिल रहा प्रोत्साहन और मेड इन इंडिया खेल उपकरणों पर जोर—ये सभी संकेत भारतीय खेलों के एक नए दौर की ओर इशारा करते हैं।













