27 सितंबर को सीएम युवा और 27 संस्थानों के बीच होगा एमओयू, 150 स्टॉल्स पर दिखेंगे नए बिजनेस मॉडल्स
लखनऊ (19 सितंबर 2025)। उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को उद्यमिता और इनोवेशन की ओर प्रेरित करने के लिए CM Yuva Pavilion को एक बड़े मंच पर पेश करने जा रही है। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में यह पवेलियन मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इस दौरान 27 सितंबर को सीएम युवा योजना और 27 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। वहीं, हॉल नंबर 18A में 150 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे, जहां स्टार्टअप्स, टेक्नोलॉजी-आधारित प्रोजेक्ट्स और फ्रेंचाइजी मॉडल्स प्रदर्शित किए जाएंगे।
युवाओं के लिए सीखने और जुड़ने का मौका
सीएम युवा योजना के नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि इस पहल के तहत अंतिम वर्ष के छात्र और संस्थानों के पूर्व छात्र इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स से सीधे जुड़ सकेंगे। उनका कहना है कि यह केवल प्रदर्शन का मंच नहीं है, बल्कि प्रदेश के स्टार्टअप विजन को आगे बढ़ाने की ठोस कोशिश है।
CM Yuva Pavilion में क्या खास होगा?
- 150+ स्टॉल्स: एग्रीटेक, हेल्थटेक, फ्रेंचाइजी और टेक-आधारित बिजनेस मॉडल्स।
- शैक्षणिक संस्थानों की साझेदारी: गलगोटिया, जीएल बजाज, चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, शारदा, एमिटी और एबीईएस जैसे संस्थानों की भागीदारी।
- बैंकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स: नए मॉडल्स का मूल्यांकन करेंगे और योग्य प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहयोग देंगे।
- स्टूडेंट-इंडस्ट्री इंटरैक्शन: युवाओं को निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सभी जिलों से आएंगे युवा फेलोज
प्रदेश के 75 जिलों से चुने गए सीएम युवा फेलोज को प्रदर्शनी में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। उन्हें प्रत्येक स्टॉल से डाटा इकट्ठा करने और अपने जिलों में इन मॉडल्स का प्रचार-प्रसार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर भी उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
डिजिटल कैंपेन से बढ़ी उत्सुकता
इस कार्यक्रम को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह है। सोशल मीडिया पर कैंपेन लगातार ट्रेंड कर रहा है। बड़ी संख्या में छात्रों ने वेबसाइट conclave.cmyuva.org.in के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण भी करा लिया है।
निष्कर्ष
UP International Trade Show 2025 का CM Yuva Pavilion न केवल युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराएगा, बल्कि यह साबित करेगा कि प्रदेश सरकार उन्हें केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें इनोवेशन, उद्यमिता और उद्योग से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने का विजन भी रखती है।












