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दिल्ली-यूपी मौसम अपडेट: गर्मी पर राहत की बौछार, लेकिन मई में राजस्थान झेलेगा तपिश का कहर

On: April 30, 2026
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दिल्ली-यूपी मौसम अपडेट, गर्मी पर राहत की बौछार
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नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2026 (गुरुवार)। उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ली है और दिल्ली-यूपी मौसम अपडेट इस समय राहत की खबर लेकर आया है। प्री-मानसून गतिविधियों (pre-monsoon activity – पूर्व मानसूनी गतिविधियां) और लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों (western disturbances – पश्चिमी विक्षोभ) के चलते अगले एक सप्ताह तक मौसम सुहाना लेकिन थोड़ा उथल-पुथल भरा रहने वाला है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बदलाव का असर देश के बड़े हिस्से में देखने को मिलेगा—जहां एक ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में मौसम की मार भी झेलनी पड़ सकती है।

पहाड़ों से मैदान तक बदला मिजाज

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों—जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में 1 से 6 मई के बीच रुक-रुक कर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के संकेत हैं। तेज हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।

इन पहाड़ी गतिविधियों का सीधा असर मैदानी इलाकों—पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश—पर पड़ेगा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 3 से 6 मई के बीच इन क्षेत्रों में कई दौर की हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं देखने को मिलेंगी।

दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाएं, तापमान में गिरावट

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज खासा सक्रिय रहेगा। यहां 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इसके साथ ही बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ेगा—जो 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। यानी भीषण गर्मी (extreme heat – अत्यधिक गर्मी) से जूझ रहे लोगों को कुछ दिन की राहत जरूर मिलेगी।

राजस्थान में मई की शुरुआत ही लू के साथ

जहां एक तरफ दिल्ली-यूपी मौसम अपडेट राहत की खबर दे रहा है, वहीं राजस्थान के लिए तस्वीर थोड़ी अलग है। पश्चिमी राजस्थान में 1 से 3 मई के बीच लू (heatwave – लू) चलने की संभावना जताई गई है।

हालांकि इसके बाद मौसम करवट ले सकता है और वही इलाके आंधी और बारिश की चपेट में आ सकते हैं। मौसम का यह उतार-चढ़ाव संकेत देता है कि प्री-मानसून संक्रमण (seasonal transition – मौसमी बदलाव) अपने चरम पर है।

पूर्वी भारत में काल-बैशाखी जैसे हालात

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम ज्यादा उग्र रूप ले सकता है। यहां काल-बैशाखी (Kalbaisakhi – तेज आंधी-तूफान) जैसे हालात बनने की आशंका है।

60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं फसलों और जनजीवन दोनों के लिए खतरा बन सकती हैं। खासकर पटना, गया, दरभंगा और भागलपुर जैसे क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में भी असर

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक आंधी और मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि कुछ जगहों पर गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन कुल मिलाकर तापमान में गिरावट आएगी।

वहीं पूर्वोत्तर भारत—असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश—में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां बाढ़ (flood – बाढ़) और भूस्खलन (landslide – भूस्खलन) का खतरा भी बढ़ सकता है।

आगे क्या? राहत के बाद फिर लौटेगी गर्मी

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव अस्थायी है। पश्चिमी विक्षोभों के असर से अभी गर्मी पर ब्रेक लगा है, लेकिन मई के दूसरे पखवाड़े (second fortnight – दूसरा पखवाड़ा) में हीटवेव की वापसी हो सकती है।

निष्कर्ष

दिल्ली-यूपी मौसम अपडेट फिलहाल राहत की तस्वीर पेश कर रहा है—जहां आंधी-बारिश गर्मी को कुछ समय के लिए थामेगी। लेकिन मौसम का यह मिजाज स्थायी नहीं है।

ऐसे में जरूरी है कि लोग बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहें—क्योंकि राहत और चुनौती, दोनों साथ-साथ चल रही हैं।

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