लखनऊ, शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025। बिहार की सियासत एक बार फिर गर्माने लगी है। इस बार चर्चा में हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिन्हें Bihar Election 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ बिहार में 20 से अधिक चुनावी रैलियां करेंगे, जिनकी तैयारियां तेज़ी से अंतिम चरण में हैं।
एनडीए उम्मीदवारों के बीच योगी की रैलियों को लेकर उत्साह चरम पर है। कई प्रत्याशी तो उनकी लोकप्रियता को देखते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में अतिरिक्त सभाओं की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ का प्रचार अभियान अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से शुरू होगा, और फोकस रहेगा मध्य और उत्तरी बिहार के जिलों पर—जहां मतदाता आधार भाजपा के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि बिहार भाजपा संगठन खुद योगी के कार्यक्रम को अंतिम रूप दे रहा है। अंदरूनी रणनीति यह है कि योगी की छवि एक ऐसे नेता की है जो कानून-व्यवस्था, विकास और हिंदुत्व की राजनीति को संतुलित रूप में पेश करते हैं। यही कारण है कि पार्टी चाहती है कि उनकी अधिकतम उपस्थिति मैदान में दर्ज की जाए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ की तेज़तर्रार शैली, प्रभावशाली वक्तृत्व और कड़क प्रशासक की छवि मतदाताओं के मन पर असर डाल सकती है। वे मंच पर जिस तरह से जनता से जुड़ते हैं, वह भाजपा कार्यकर्ताओं के जोश को भी कई गुना बढ़ा देता है।
गौरतलब है कि Bihar Election 2025 के तहत मतदान 6 और 11 नवंबर को होना है। ऐसे में योगी की रैलियों को भाजपा की ओर से “गेम चेंजर” की तरह देखा जा रहा है। संगठन का मानना है कि उनकी मौजूदगी न सिर्फ वोटर को प्रभावित करेगी, बल्कि एनडीए के जमीनी नेटवर्क को भी नई मजबूती देगी।
बिहार की राजनीतिक पिक्चर फिलहाल बदलती दिख रही है—और इस बदलाव के केंद्र में अब योगी आदित्यनाथ का नाम मजबूती से जुड़ चुका है।












