शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया मॉडल बना यूपी का IGRS Portal
लखनऊ (Sat, 11 Oct 2025)। जनसेवा की दिशा में योगी सरकार के डिजिटल सुधार अब ज़मीनी नतीजे देने लगे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी और सतत मॉनीटरिंग के चलते राज्य का IGRS Portal (Integrated Grievance Redressal System) जन शिकायतों के समाधान में न केवल तेज़ी बल्कि पारदर्शिता की मिसाल बन गया है।
सितंबर माह की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, देवीपाटन मंडल ने एक बार फिर पूरे प्रदेश में बाजी मारी है और पहला स्थान हासिल किया है। मीरजापुर मंडल ने दूसरा तथा बस्ती मंडल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह लगातार दूसरा महीना है जब देवीपाटन ने शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।
मुख्यमंत्री की सख्त मॉनीटरिंग और जनता से सीधा फीडबैक बनी सफलता की कुंजी
देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण पर लगातार काम हो रहा है। श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर जिलों में विशेष मॉनीटरिंग सिस्टम लागू किया गया है।
मंडलायुक्त ने बताया, “हर माह हम रेंडम पाँच शिकायतकर्ताओं से फोन पर सीधा फीडबैक लेते हैं। इससे पता चलता है कि क्या वास्तव में समाधान हुआ या सिर्फ रिपोर्ट लगा दी गई। इसी पारदर्शिता और फॉलो-अप की वजह से शिकायतें समयबद्ध रूप से निपट रही हैं।”
उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 की IGRS रिपोर्ट में देवीपाटन मंडल को 120 में से 104 अंक प्राप्त हुए हैं, जो 86.67 प्रतिशत सफलता दर को दर्शाता है। यही कारण है कि देवीपाटन फिर से राज्य में शीर्ष स्थान पर है।
प्रशासनिक सुधारों से मजबूत हुआ IGRS Portal
योगी सरकार ने IGRS Portal को केवल एक शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि जनविश्वास की नई तकनीकी व्यवस्था बना दिया है। इस प्रणाली में अब अधिकारी शिकायतों पर रियल-टाइम एक्शन रिपोर्ट अपलोड करते हैं।
सीएम कार्यालय से लेकर तहसील स्तर तक हर शिकायत की मॉनीटरिंग होती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई मामला अनसुलझा न रह जाए।
दूसरे और तीसरे स्थान पर मीरजापुर और बस्ती मंडल
IGRS Portal की सितंबर रिपोर्ट के मुताबिक, मीरजापुर मंडल को 120 में से 98 अंक मिले हैं और उसकी सफलता दर 81.67 प्रतिशत रही। पिछले माह की रिपोर्ट में भी मीरजापुर दूसरे स्थान पर था।
वहीं, बस्ती मंडल ने 97 अंक (सफलता दर 80.83 प्रतिशत) के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
शीर्ष पांच मंडलों की सूची में अलीगढ़ चौथे और वाराणसी पांचवें स्थान पर रहे।
इन मंडलों ने न केवल शिकायत निस्तारण की गति बढ़ाई, बल्कि फीडबैक और फील्ड विजिट के ज़रिए यह भी सुनिश्चित किया कि किसी भी शिकायतकर्ता को न्याय के लिए बार-बार न भागना पड़े।
जनता का विश्वास जीतने वाला सिस्टम बना IGRS Portal
आईजीआरएस के जरिये राज्यभर में यह धारणा मजबूत हुई है कि सरकार अब शिकायतों को “फाइल” नहीं, बल्कि “फैसला” मानती है।
सीएम योगी के सीधे पर्यवेक्षण में यह पोर्टल प्रशासनिक जवाबदेही का प्रतीक बन गया है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में इस डिजिटल तंत्र को और सशक्त किया जाए, ताकि हर नागरिक को “त्वरित, पारदर्शी और विश्वसनीय शासन” का अनुभव हो सके।












