लखनऊ, बुधवार (15 अक्टूबर 2025) — इस बार दीपावली का पर्व उत्तर प्रदेश में केवल रोशनी का ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और संवेदनशीलता का उत्सव बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य के सभी मंडलों में 16 और 17 अक्टूबर को ‘Divya Diwali Mela 2025’ आयोजित किया जाएगा। यह मेला दिव्यांगजनों के हुनर को पहचान देने के साथ-साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा।
🎇 ‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘आत्मनिर्भर भारत’ तक, दीपावली का नया आयाम
‘Divya Diwali Mela 2025’ में दिव्यांगजन अपने हाथों से तैयार किए गए मिट्टी के दीपक, हस्तशिल्प, मोमबत्तियां, पूजा सामग्री, आभूषण और घरेलू सजावटी उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। इस पहल का मकसद दिव्यांगजनों को न केवल आर्थिक सहारा देना है, बल्कि समाज में उनकी पहचान को सम्मानित करना भी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि, “दिव्यांगजन केवल सहानुभूति के नहीं, बल्कि सम्मान और अवसर के अधिकारी हैं। यह मेला आत्मनिर्भरता की दिशा में उनका उत्सव है।”
🛍️ हर मंडल में तैयारियां पूरी, डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेगा हुनर
पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से बने उत्पादों की प्रदर्शनी होगी।
प्रदेश सरकार ने सभी मंडल मुख्यालयों में मेले के लिए उपयुक्त स्थल निर्धारित किए हैं। गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ, कानपुर, वाराणसी, झांसी, बरेली, अलीगढ़, बस्ती सहित सभी मंडलों में तैयारियां जोरों पर हैं।
इसके साथ ही, दिव्यांगजनों के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री को भी बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि उनका हुनर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सके।
🌼 दीपावली की रौनक में घुलेगा स्वदेशी रंग
यह मेला ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को नया आयाम देगा। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर सरकार न केवल दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि दीपावली को “लोकल की रोशनी” से जगमग करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोग इन मेलों में शामिल हों और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करें।
🙌 “दिव्य दीपावली मेला समाज को नई सोच देगा” — नरेंद्र कश्यप
दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि, “योगी सरकार ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो प्रयास किए हैं, वे ऐतिहासिक हैं। ‘Divya Diwali Mela 2025’ न केवल उनके कौशल को पहचान देगा, बल्कि समाज को यह संदेश भी देगा कि हर व्यक्ति अपने हुनर से समाज को रोशन कर सकता है।”
💬 समाज में संवेदनशीलता और समावेशिता का संदेश
‘Divya Diwali Mela 2025’ सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि संवेदनशील समाज की दिशा में एक कदम है। जब दिव्यांगजन के हाथों से बने दीये हर घर में जलेंगे, तब यह दीपावली केवल त्योहार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और समावेशिता का प्रतीक बन जाएगी।








