उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण अब होगा और आसान
लखनऊ (Wed, 22 Oct 2025)। राजधानी लखनऊ में एक नवंबर से नई बिजली व्यवस्था (Lucknow Electricity System 2025) लागू की जा रही है। बिजली विभाग ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसके तहत उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण पहले से ज्यादा पारदर्शी, त्वरित और डिजिटल माध्यम से होगा। साथ ही, गैर-तकनीकी खर्चों पर लगाम लगाने की दिशा में भी यह कदम अहम माना जा रहा है।
💡 उपभोक्ताओं के लिए हेल्पडेस्क और डिजिटल शिकायत सुविधा
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता बिजली से जुड़ी किसी भी शिकायत को अब 1912 नंबर, उपभोक्ता ऐप, व्हाट्सएप या सहायता केंद्रों के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं को ऑनलाइन माध्यम में दिक्कत है, उनके लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर 21 हेल्पडेस्क खोले जाएंगे, जहां वे सीधे जाकर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। यह सुविधा 24×7 जारी रहेगी।
🧾 बिलिंग, मीटर और कनेक्शन की प्रक्रिया होगी फेसलेस
नई प्रणाली में बिलिंग त्रुटियों के संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह फेसलेस होगी। उपभोक्ता ऐप या सहायता केंद्र से आवेदन करने पर शिकायत रैंडम आधार पर किसी कर्मचारी को आवंटित की जाएगी। दस्तावेज़ ऐप या व्हाट्सएप के माध्यम से ही लिए जाएंगे।
नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन ‘झटपट पोर्टल’ और ‘निवेश मित्र पोर्टल’ पर करना होगा। रिपोर्ट अपलोड होने और भुगतान जमा होते ही मीटर लगाने का कार्य विभागीय टीम करेगी।
⚙️ अधिकारियों की जिम्मेदारी और मॉनिटरिंग सिस्टम
कंट्रोल रूम और 1912 पर आने वाली शिकायतें अब अपडेटेड सॉफ्टवेयर सिस्टम के जरिए सीधे संबंधित अभियंताओं और कर्मचारियों को भेजी जाएंगी।
कंट्रोल रूम अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि हर फॉल्ट या समस्या का निस्तारण तय समय सीमा में हो। पूरा रिकॉर्ड सिस्टम पर दर्ज रहेगा।
🚙 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे बिजली उपकेंद्रों के वाहन
विभाग ने उपकेंद्रों में वाहनों की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिशासी अभियंता (33 के.वी. व 11 के.वी.) आवश्यकतानुसार स्टाफ का प्रयोग कर सकेंगे, जबकि राजस्व वसूली के लिए संविदा स्टाफ की मदद ली जाएगी।
🏢 कोई पद नहीं होगा समाप्त, व्यापक प्रचार के निर्देश
नई व्यवस्था के तहत किसी भी नियमित पद को समाप्त या नया सृजित नहीं किया जाएगा। सभी कर्मचारी डिस्कॉम (DISCOM) के अंतर्गत ही समायोजित रहेंगे।
मुख्य अभियंता (वितरण) को यह दायित्व दिया गया है कि वे जनहित में अधिकारियों और कार्यालयों के नाम, पते और संपर्क नंबरों का विवरण होर्डिंग और नाम पट्टों पर प्रदर्शित कराएं, ताकि उपभोक्ताओं को जानकारी आसानी से मिल सके।
💰 हर माह करोड़ों की बचत की उम्मीद
नई व्यवस्था से राजधानी में तैनात सैकड़ों कर्मियों और अभियंताओं की संख्या में कमी आएगी, जिससे हर माह करोड़ों रुपये वेतन खर्च में बचत होने की संभावना है। इससे विभाग का आर्थिक बोझ कम होगा और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी।
🔎 निष्कर्ष
लखनऊ में लागू होने जा रही यह नई बिजली व्यवस्था 2025 न सिर्फ उपभोक्ताओं की सुविधा बढ़ाएगी बल्कि ऊर्जा विभाग के कामकाज को भी अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाएगी।












