लखनऊ (Wed, 22 Oct 2025) – उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के निवेश संवर्धन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ (Invest UP) के सैटेलाइट ऑफिस देश के पांच प्रमुख महानगरों—मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली—में स्थापित किए जाएंगे। इन ‘Invest UP Satellite Offices’ का लक्ष्य देशभर के निवेशकों को उत्तर प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक संभावनाओं से सीधे जोड़ना है।
निवेशकों से संवाद का नया माध्यम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार पहले ही ‘इन्वेस्ट यूपी’ के पुनर्गठन की मंजूरी दे चुकी है। अब इन सैटेलाइट ऑफिसों के जरिए सरकार निवेशकों के साथ डायरेक्ट कनेक्ट स्थापित करेगी। ये ऑफिस न केवल निवेश प्रस्तावों को सुगमता से आगे बढ़ाएंगे, बल्कि ‘Ease of Doing Business’ के मोर्चे पर यूपी की साख को और मजबूत करेंगे।
प्रत्येक ऑफिस में एक जनरल मैनेजर, एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर, दो उद्यमी मित्र, दो एग्जिक्यूटिव और दो ऑफिस असिस्टेंट तैनात होंगे। पांचों शहरों के संचालन पर लगभग 12 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च का अनुमान लगाया गया है।
हर शहर की होगी अलग भूमिका
सरकार ने हर ऑफिस के लिए उसकी भौगोलिक और औद्योगिक पहचान के अनुसार विशेष जिम्मेदारियां तय की हैं –
- मुंबई: वित्तीय सेवाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और ईएसजी फंड
- बेंगलुरु: जीसीसी, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, ईवी और डीपटेक सेक्टर
- हैदराबाद: फार्मा, हेल्थटेक, डेटा सेंटर और एंटरप्राइज SaaS
- चेन्नई: ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग
- नई दिल्ली: इन्वेस्ट यूपी और एशिया-यूरोपीय संघ सुविधा कार्यालय
‘Invest UP Satellite Offices’ से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
इन्वेस्ट यूपी के प्रदेश प्रमुखों का मानना है कि यह कदम उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर मजबूत स्थिति देगा। इससे स्थानीय उद्योगों को बाहरी पूंजी, तकनीक और नए साझेदारी अवसर मिल सकेंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “अब किसी निवेशक को लखनऊ या नोएडा आने की जरूरत नहीं होगी। मुंबई या बेंगलुरु से ही वे सीधे ‘Invest UP Satellite Offices’ के माध्यम से अपनी योजनाओं पर चर्चा कर सकेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा—‘यूपी अब निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ एक उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों का नया डेस्टिनेशन बन चुका है। उन्होंने बताया कि 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद राज्य में रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव आए हैं, और सैटेलाइट ऑफिस इन्हें वास्तविकता में बदलने में अहम भूमिका निभाएंगे।
औद्योगिक विकास का नया नक्शा
सरकार का यह कदम न केवल निवेशकों से निकटता बढ़ाने का माध्यम बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक नेटवर्क का अभिन्न हिस्सा भी बनाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इन ऑफिसों के माध्यम से यूपी में रोजगार सृजन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, और ग्लोबल पार्टनरशिप्स के नए द्वार खुलेंगे।








