लखनऊ (Thu, 23 Oct 2025): उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों को इस बार खरीफ सत्र में बड़ा फायदा मिल रहा है। योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों और डिजिटल प्रणाली ने धान खरीद की प्रक्रिया को न केवल तेज किया है, बल्कि भरोसेमंद भी बना दिया है।
खरीद सत्र 2025-26 में धान बिक्री के लिए 1 सितंबर से पंजीकरण की शुरुआत हुई थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 23 अक्टूबर तक 1,37,166 किसानों ने पंजीकरण पूरा कर लिया है। सरकार ने 4000 क्रय केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य रखा था, जिनमें से 3790 केंद्र पहले ही सक्रिय हो चुके हैं।
23 दिन में 35.63 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद
राज्य के पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान बिक्री रिकॉर्ड गति से हो रही है।
मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ और झांसी संभागों के साथ-साथ हरदोई, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में धान खरीद जारी है।
केवल 23 दिनों में 35.63 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदा जा चुका है। यह संख्या किसानों की बढ़ती भागीदारी और सरकारी तंत्र की सक्रियता का प्रमाण है। सरकार ने इस सीजन के लिए 60 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है।
किसानों के पंजीकरण में तेजी, डिजिटल माध्यम बना सहारा
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, किसान तेजी से पंजीकरण करा रहे हैं।
सरकारी पोर्टल www.fcs.up.gov.in और UP KISAN MITRA मोबाइल ऐप के जरिए ओटीपी-आधारित पंजीकरण की सुविधा दी गई है।
किसानों को भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजा जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, किसानों के चेहरे पर मुस्कान
योगी सरकार की डबल इंजन नीति का असर इस साल धान की कीमतों में स्पष्ट दिख रहा है।
धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) इस वर्ष बढ़ाया गया है —
- कॉमन वैरायटी: ₹2369 प्रति क्विंटल
- ग्रेड ए: ₹2389 प्रति क्विंटल
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि 48 घंटे के भीतर भुगतान किसानों के खाते में पहुंच जाए। क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम 5 बजे तक खुले रहते हैं, जहां 17 प्रतिशत नमी तक का धान स्वीकार किया जाता है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से शुरू होगी खरीद प्रक्रिया
अब बारी पूर्वांचल की है: 1 नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज संभागों में धान बिक्री शुरू होगी।
इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी खरीद शुरू होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी।
सरकार का लक्ष्य — हर किसान तक पहुँचे न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर किसान को समय पर भुगतान और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया की सुविधा मिले।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि धान खरीद केंद्रों पर नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी किसान को अपनी फसल बेचने में असुविधा न हो।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में धान बिक्री इस बार एक नई ऊंचाई पर है। तेज डिजिटल पंजीकरण, बढ़े हुए समर्थन मूल्य और समयबद्ध भुगतान ने किसानों का विश्वास सरकार में और मजबूत किया है।
यह सिर्फ खरीद प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस भरोसे की कहानी है जिसे “अन्नदाता” और “सरकार” मिलकर गढ़ रहे हैं।








