गोरखपुर (Fri, 24 Oct 2025) – गोरखपुर में छह हजार एकड़ में विकसित होने जा रही ‘New Gorakhpur Township’ शहर के भविष्य का स्वरूप बदलने जा रही है। इस टाउनशिप में आवासीय, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और व्यापारिक सुविधाओं के साथ हरित क्षेत्र और सार्वजनिक संरचनाओं का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण और समझौते की प्रक्रिया
नया गोरखपुर परियोजना के तहत प्राधिकरण ने समझौते और अनिवार्य अधिग्रहण के माध्यम से छह हजार एकड़ भूमि जुटाने की योजना बनाई है। अब तक तीन राजस्व ग्रामों में कुल 210.076 एकड़ भूमि अर्जित की जा चुकी है। ग्राम मानीराम और रहमतनगर में कुल 109.05 एकड़, जबकि ग्राम बालापार में 101.593 एकड़ भूमि खरीदी गई है। इसके साथ ही माड़ापार, तकिया मेदनीपुर और कोनी में कुल 251.819 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
New Gorakhpur Township की तैयारी शुरू
प्राधिकरण ने गुरुकुल टाउनशिप फेज-01 के लिए तलपट मानचित्र (ले-आउट प्लान) बोर्ड से मंजूर कर लिया है। मानीराम और रहमतनगर में अर्जित 126.35 हेक्टेयर भूमि पर यह फेज विकसित किया जाएगा। शेष भूमि के अधिग्रहण और रजिस्ट्री प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
New Gorakhpur Township में मिलेंगी ये सुविधाएं
गुरुकुल सिटी फेज-01 में विभिन्न श्रेणियों के लिए भूमि आरक्षित की गई है। इसमें शामिल हैं:
- ग्रुप हाउसिंग और प्लाटेड डेवलपमेंट
- सर्विस अपार्टमेंट और ईडब्ल्यूएस/एलआइजी आवास
- होटल, शॉपिंग मॉल और रिटेल कमर्शियल
- शैक्षणिक संस्थान और प्रशिक्षण केंद्र
- सिटी सिविक सेंटर, जलाशय और हरित क्षेत्र (पार्क आदि)
- आधुनिक सड़कें और यातायात प्रबंधन
प्राधिकरण उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने कहा,
“गुरुकुल सिटी परियोजना का उद्देश्य केवल आवासीय जरूरतें पूरी करना नहीं है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यावरण का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। यह टाउनशिप भविष्य के गोरखपुर का नया चेहरा बनेगी।”
इस योजना से गोरखपुर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी और शहरवासियों को आधुनिक जीवनशैली का अनुभव मिलेगा।












