लखनऊ (Sat, 25 Oct 2025) – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘Samarth Uttar Pradesh @2047’ महाभियान ने प्रदेशवासियों की जबरदस्त भागीदारी को रिकार्ड किया है। 25 अक्टूबर तक पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर 53 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो न सिर्फ ग्रामीण बल्कि शहरी क्षेत्रों से भी उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाओं का आईना हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से 41.50 लाख और शहरी क्षेत्रों से 11.50 लाख से अधिक फीडबैक मिले हैं। आयु वर्ग के हिसाब से देखा जाए तो 31 वर्ष से कम उम्र के करीब 26 लाख, 31-60 वर्ष आयु वर्ग के 25 लाख और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 2.5 लाख से ज्यादा सुझाव जमा हुए हैं।
कृषि, शिक्षा और शहरी विकास में मिले अधिक सुझाव
क्षेत्रवार सुझावों की बात करें तो कृषि क्षेत्र में सबसे अधिक 13 लाख सुझाव आए, जबकि शिक्षा क्षेत्र ने 12.50 लाख और अर्बन डेवलेपमेंट ने 10.77 लाख से अधिक प्रतिक्रियाएँ दीं। इसके अतिरिक्त पशुधन व डेयरी, इंडस्ट्री, आईटी व टेक, पर्यटन, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, समाज कल्याण, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों से भी जनता ने सक्रिय भागीदारी दिखाई।
जौनपुर ने जताई सबसे ज्यादा भागीदारी
जनपदवार आंकड़े दर्शाते हैं कि जौनपुर ने 3.21 लाख से अधिक सुझाव भेजकर सूची में अव्वल स्थान हासिल किया। इसके बाद संभल (3 लाख+), प्रतापगढ़ (1.76 लाख+), बिजनौर (1.67 लाख+) और गोरखपुर (1.58 लाख+) ने भी सक्रिय योगदान दिया। अन्य जिलों जैसे बरेली, बाराबंकी, सोनभद्र, गोंडा और हरदोई ने भी 1 लाख से अधिक सुझाव दर्ज कराए।
व्यापक आयोजन और जनसहभागिता
महाभियान के तहत जनसहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में बैठकें और गोष्ठियों का आयोजन किया गया। अब तक 15 नगर निगमों, 212 नगर पालिकाओं, 528 नगर पंचायतों, 56 जिला पंचायतों, 713 क्षेत्र पंचायतों और 42,666 ग्राम पंचायतों में संवाद और फीडबैक सत्र संपन्न हो चुके हैं। इन बैठकों ने स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच प्रत्यक्ष संवाद और सहभागिता को और अधिक सशक्त किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अभियान न केवल प्रशासन और जनता के बीच विश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि भविष्य के विकास रोडमैप को भी जनता की वास्तविक आवश्यकताओं और दृष्टिकोण के अनुरूप आकार देते हैं।








