लखनऊ, मंगलवार 28 अक्टूबर 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को Guru Tegh Bahadur 350th शहीदी पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में कहा कि भारत की सनातन परंपरा में सिख गुरुओं का योगदान सदैव अविस्मरणीय और अनुकरणीय रहा है। उन्होंने कहा, “गुरबाणी में लिखा है कि जहां भी गुरु महाराज के पावन चरण पड़ते हैं, वह स्थान रामराज्य के समान पवित्र हो जाता है।”
योगी ने इस अवसर पर कहा कि यह भारत का सौभाग्य है कि गुरु चरण यात्रा के माध्यम से देश के कोने-कोने में श्रद्धा और एकता का संदेश पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का विशेष आभार जताया और कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन गुरु परंपरा की गौरवशाली विरासत को नई ऊंचाई दे रहा है।
सिख गुरु परंपरा: राष्ट्र रक्षा और सेवा का आदर्श
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरु परंपरा ने भारत को केवल भक्ति और आस्था ही नहीं, बल्कि राष्ट्र रक्षा, सेवा और बलिदान का आदर्श भी दिया है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के लिए यह ज़रूरी है कि वे इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को न केवल समझें, बल्कि इसे आगे बढ़ाएं।
योगी ने कहा, “हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस विरासत को अक्षुण्ण रखें और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी प्रेरणा पहुंचाएं। यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
यहियागंज गुरुद्वारा: साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
लखनऊ का ऐतिहासिक यहियागंज गुरुद्वारा इस अवसर पर श्रद्धालुओं से भरा रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गुरुद्वारा हमारी साझा आस्था और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि लगभग ढाई सौ वर्ष पुरानी गुरु महाराज की पावन चरण पादुकाएं, जो कभी पाकिस्तान में थीं, अब पटना साहिब में प्रतिष्ठित की जा रही हैं।
दिल्ली से शुरू हुई गुरु चरण यात्रा पूरे भारत में श्रद्धा, सम्मान और गौरव का भाव जगाती जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए एक जीवंत मार्गदर्शन है।
आध्यात्मिक जागरण और राष्ट्रीय एकता का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि “गुरु चरण यात्रा” को केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक जागरण के प्रतीक के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे सिख गुरुओं की शिक्षाओं को जीवन में अपनाएं और समाज में प्रेम, सेवा तथा एकता का संदेश फैलाएं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्य मंत्री सुरेश खन्ना, बलदेव सिंह औलख, अल्पसंख्यक आयोग सदस्य परबिंदर सिंह सहित गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।








