Lucknow (Wed, 29 Oct 2025): उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से होने वाली समूह ‘क’ और ‘ख’ के विशेषज्ञ पदों की भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा सुधार लागू किया है। अब इन भर्तियों में केवल साक्षात्कार नहीं, बल्कि लिखित परीक्षा भी अनिवार्य होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 75 प्रतिशत अंक लिखित परीक्षा से और 25 प्रतिशत अंक साक्षात्कार से जोड़कर अंतिम मेरिट तय की जाएगी।
राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती (स्क्रीनिंग परीक्षा) नियमावली-2025’ को मंजूरी दे दी है। यह बदलाव अब तक की पारंपरिक भर्ती पद्धति से बिल्कुल अलग है, जिसमें विशेषज्ञों के चयन में केवल इंटरव्यू पर निर्भरता होती थी।
अब होगी स्क्रीनिंग परीक्षा, दो पेपर होंगे अनिवार्य
नए नियमों के तहत, 75 विशेषज्ञ पदों पर नियुक्ति के लिए अब एक लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें दो प्रश्नपत्र होंगे—
1️⃣ पहला सामान्य अध्ययन (General Knowledge) पर आधारित होगा।
2️⃣ दूसरा उस विभाग से जुड़े विषयों पर केंद्रित होगा, जिसमें विशेषज्ञ की भर्ती हो रही है।
लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों के अंकों को जोड़कर अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।
पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा
सूत्रों के अनुसार, UPPSC शुरू में चाहता था कि लिखित और साक्षात्कार के अंक 50-50 प्रतिशत रखे जाएं। हालांकि, उच्च स्तरीय बैठक में इस पर विचार के बाद निर्णय हुआ कि लिखित परीक्षा का वेटेज 75% और साक्षात्कार का 25% रखा जाए।
सरकार का मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया न केवल अधिक पारदर्शी होगी बल्कि प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेगा।
कैबिनेट ने अन्य प्रस्तावों को भी दी मंजूरी
मंगलवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए कई अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई—
- धान, गेहूं और मोटे अनाज की खरीद के लिए ई-पाप मशीनों की स्थापना व संचालन हेतु यूपी डेस्को को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
- नैपियर घास की जड़ें (रूट स्लिप) उपलब्ध कराने और गो आश्रय स्थलों से जुड़ी भूमि पर हरा चारा उत्पादन योजना (2025–28) को मंजूरी दी गई।
- साथ ही शीरा वर्ष 2025–26 के लिए शीरा नीति निर्धारण को भी हरी झंडी मिल गई।
सरकार का उद्देश्य: पारदर्शी व निष्पक्ष चयन प्रक्रिया
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य “भर्ती प्रणाली को प्रतिस्पर्धात्मक और निष्पक्ष बनाना” है। उन्होंने कहा,
“अब हर उम्मीदवार को अपनी मेहनत और ज्ञान के बल पर अवसर मिलेगा। यह फैसला यूपीपीएससी के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत करेगा।”








