लखनऊ (Thu, 30 Oct 2025)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित ‘नौसेना शौर्य संग्रहालय (Naval Museum Lucknow)’ की प्रस्तुति का अवलोकन किया और इसके शीघ्र निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारतीय नौसेना की अदम्य शौर्यगाथाओं, सामुद्रिक क्षमता और भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत प्रतीक बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा — “समुद्र भारत की सभ्यता का मंथन स्थल रहा है। भारतीय नौसेना उसी गौरवशाली परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति है, जिसे अब जन-जन तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है।” उन्होंने कहा कि लखनऊ का यह संग्रहालय भारत की समुद्री शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संगम बनेगा।
⚓ जहाज के रूप में तैयार होगा संग्रहालय का ढांचा
बैठक में बताया गया कि Naval Museum Lucknow का डिजाइन एक जहाज के अमूर्त स्वरूप में तैयार किया जा रहा है।
इसमें पोर्थोल जैसी खिड़कियाँ, जहाज की रेलिंग और नौसैनिक प्रतीकों का प्रयोग कर इसे विशेष पहचान दी जाएगी।
परिसर में इंटरप्रिटेशन सेंटर, सेंट्रल डेक, थीमैटिक वॉकवे, प्रदर्शनी गैलरी, फाउंटेन, और लाइट-एंड-साउंड एरिना जैसी सुविधाएँ होंगी।
डिज़ाइन को ऊर्जा-संवेदनशील रखते हुए ग्रीन बिल्डिंग तकनीक और प्राकृतिक रोशनी-वेंटिलेशन का उपयोग किया जाएगा।
🛰️ डिजिटल और इमर्सिव तकनीक से सजेगा अनुभव केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय को केवल देखने योग्य नहीं, बल्कि एक ‘अनुभव का केंद्र’ (Experience Hub) बनाया जाए, जहाँ दर्शक भारतीय नौसेना के इतिहास, अभियानों और तकनीकी प्रगति को महसूस कर सकें।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदर्शन में इंटरएक्टिव डिस्प्ले, 7D थिएटर, और डिजिटल सिमुलेटर जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाए।
संग्रहालय में छत्रपति शिवाजी महाराज के नौसैनिक नेतृत्व और योगदान को विशेष रूप से प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए।
🚢 दो भागों में तैयार होगी परियोजना
प्रस्तुति में बताया गया कि यह परियोजना दो प्रमुख हिस्सों में विकसित की जा रही है —
- INS गोमती शौर्य स्मारक, और
- नौसेना शौर्य वाटिका।
‘INS गोमती (F-21)’ गोदावरी श्रेणी का स्वदेशी मिसाइल फ्रिगेट है, जिसने 34 वर्षों तक भारतीय नौसेना में सेवा दी। यह जहाज ऑपरेशन कैक्टस और ऑपरेशन पराक्रम जैसे अभियानों का हिस्सा रहा है। इसे संरक्षित कर संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा ताकि लोग उसकी बहादुरी को प्रत्यक्ष अनुभव कर सकें।
✈️ शौर्य वाटिका बनेगी आकर्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ परियोजना का विशेष आकर्षण होगी।
यहाँ 29 वर्षों तक नौसेना में सेवा दे चुके TU-142 विमान और सी किंग SK-42B हेलीकॉप्टर प्रदर्शित किए जाएंगे।
यह वाटिका युवाओं को नौसेना के अभियानों, प्रौद्योगिकी और आत्मनिर्भर भारत की भावना से जोड़ने वाला ‘सजीव अनुभव स्थल’ बनेगी।
🌊 7D थिएटर, सिम्युलेटर और वाटर स्क्रीन शो भी होंगे आकर्षण
परियोजना के तहत संग्रहालय में एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग सिम्युलेटर, वॉरशिप सिम्युलेटर, सबमर्ज्ड द्वारका मॉडल, डिजिटल वाटर स्क्रीन शो, मरीन एक्वेरियम, और ‘ड्रेस लाइक योर हीरोज़’ जैसी गतिविधियाँ भी होंगी।
साथ ही नौसेना के वीरता पुरस्कारों, ऐतिहासिक अभियानों, और स्वदेशी रक्षा नवाचारों से जुड़ी इंटरएक्टिव गैलरियाँ तैयार की जाएंगी।
इस परियोजना की निगरानी महानिदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी, जिसमें मेरिटाइम हेरिटेज सोसाइटी, UP प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन और नौसेना विशेषज्ञ शामिल हैं।
🕉️ भारत की समुद्री आत्मा का प्रतीक बनेगा लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल भारतीय नौसेना की वीरता का प्रतीक होगा, बल्कि भारत की समुद्री आत्मा और सांस्कृतिक गौरव का केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा — “उत्तर प्रदेश भले तटीय राज्य न हो, लेकिन भारत की समुद्री चेतना अब यहाँ के हर नागरिक में प्रवाहित होगी। लखनऊ का यह संग्रहालय राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रदेश को नई पहचान देगा।”








