Server Down समस्या से अदालत और डाकघर दोनों ठप, जनता- वकील त्रस्त
प्रयागराज, Thu, 06 Nov 2025 — Server Down समस्या ने इलाहाबाद हाई कोर्ट परिसर स्थित डाकघर समेत जिले के कई डाकघरों की व्यवस्था चरमरा दी है। पिछले तीन दिनों से लगातार चल रही इस तकनीकी दिक्कत ने वकीलों, आम जनता और सरकारी कार्यों को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। सुबह से लाइन में खड़े लोग न तो रजिस्ट्री कर पा रहे हैं, न स्पीड पोस्ट भेज पा रहे हैं। हालत ये है कि सुकन्या समृद्धि योजना जैसी अहम स्कीमें भी रुक गई हैं और आधार कार्ड अपडेट तक अटका हुआ है।
स्थानीय लोगों की नाराज़गी अब डाक विभाग के प्रति खुलकर सामने आने लगी है, लेकिन अधिकारी ‘सर्वर अपग्रेडेशन’ का हवाला देकर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
सर्वर विफलता बनी स्थायी समस्या, नियंत्रण से बाहर विभाग
इलाहाबाद हाई कोर्ट डाकघर, जो रोजाना लगभग 8,000 सरकारी और निजी डाकों की डिलीवरी करता है, पिछले तीन दिनों से काम नहीं कर पा रहा है। कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में अक्सर डॉक्यूमेंट रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए भेजे जाते हैं, लेकिन Server Down होने से पूरा सिस्टम ही ठप पड़ा है।
कचहरी और प्रधान डाकघर सहित जिले के 100 से ज्यादा उपडाकघरों का भी यही हाल है। न तो लेन-देन हो पा रहा है, न बीमा पॉलिसी और पेंशन जैसी सेवाएं सुचारू ढंग से चल पा रही हैं। पोस्टमास्टर का कहना है कि —
“सर्वर हमारे नियंत्रण में नहीं है, अपग्रेडेशन चल रहा है। कुछ दिन तक परेशानी रह सकती है।”
मगर जनता इस ‘कुछ दिन’ से महीने भर से परेशान है। रक्षा बंधन से पहले भी यही सर्वर समस्या थी, जिससे त्योहार के समय लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
घंटों लाइन, फिर भी बैरंग वापस – जनता का दर्द
40 नंबर गुमटी के रामदुलार स्पीड पोस्ट कराने प्रधान डाकघर आए। आधे दिन का इंतजार किया, लेकिन सर्वर उठा ही नहीं। मायूस होकर घर लौट गए। लीडर रोड के अनिल दुबे बताते हैं:
“बेटी के सुकन्या खाते में रकम जमा करनी थी, पर सिस्टम बंद पड़ा था। ऐसे में कैसे होगा बच्चों का भविष्य सुरक्षित?”
ऐसे ही कई लोग अपने मासिक खाता अपडेट, पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस और पासबुक प्रिंट कराने आए। कई घंटे की प्रतीक्षा के बाद भी काम न होने से सबको निराशा ही हाथ लगी।
आदालत प्रशासन भी परेशान, संचार विभाग से उठी नाराज़गी
सर्वर दिक्कत की मार सिर्फ आम जनता ही नहीं, हाई कोर्ट प्रशासन और अधिवक्ताओं पर भी पड़ रही है। करीब 500 मीटर की दूरी पर मौजूद प्रधान डाकघर भी इस समय ‘नो-रिस्पॉन्स’ की स्थिति में है, जिससे कानूनी पत्राचार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि:
“तकनीकी सिस्टम की समय पर मरम्मत नहीं हुई तो इससे न्यायिक कार्यों पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।”
लेकिन डाक विभाग अब तक इस संकट से निपटने के कोई ठोस उपाय नहीं कर पाया है।












