लखनऊ|शुक्रवार, 07 नवंबर 2025 – राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे भारतीय स्वतंत्रता के अमर मंत्र की संज्ञा देते हुए कहा कि इस गीत ने न केवल देशवासियों को आज़ादी के संघर्ष के दौरान एक सूत्र में बांधा, बल्कि आज भी राष्ट्रीय चेतना और कर्तव्य-बोध को जगाने का काम कर रहा है।
लोकभवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सामूहिक समूहगान हुआ, स्वदेशी संकल्प लिया गया, और इसके रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा।
🌟 “वंदे मातरम् ने बढ़ाई भारत की सामूहिक चेतना” – CM योगी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा:
“वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, यह भारत की आत्मा है। इसने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों और दमन के बीच भारतीयों में अदम्य साहस जगाया। जब-जब कोई क्रांतिकारी फांसी के तख्ते पर चढ़ा, उसके होंठों पर यही मंत्र था।”
उन्होंने बताया कि 1875 में रचा गया यह गीत बंगाल के द्विभाजन (1905) के दौरान भी राष्ट्रीय एकता का आधार बना। हर नगर, हर ग्राम में प्रभात फेरियों के साथ गूंजता वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन रहा।
📜 150वीं Vande Mataram Anniversary पर हुई ऐतिहासिक घोषणा
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने Vande Mataram Anniversary को स्मृति दिवस की तरह मनाए जाने का विचार दिया है, जो देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत होगा। उन्होंने स्मरण कराया कि इस गीत को 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था।
🇮🇳 “कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पैदा करता है वंदे मातरम्”
सीएम योगी ने भारतीय नागरिक कर्तव्यों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर अपने अधिकारों पर बात करते हैं, पर कर्तव्यों की उपेक्षा कर देते हैं। वंदे मातरम् हमें भक्ति और शक्ति के साथ-साथ कर्तव्य निभाने की भी प्रेरणा देता है।
उन्होंने सैनिकों, शिक्षकों, किसानों और महामारी प्रबंधन में जुटे कर्मियों का उल्लेख करते हुए कहा,
“जब कोई जवान सियाचीन की कड़ाके की ठंड में या राजस्थान की तपती रेत में सीमा की रक्षा कर रहा होता है, तो वही सच्चा वंदे मातरम् है।”
🦠 कोविड प्रबंधन से जुड़ी सीखें भी रखीं सामने
सीएम योगी ने 1918 की महामारी और हाल ही की कोविड स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जब नेतृत्व और जनता मिलकर संवेदनशील भाव से कार्य करते हैं, तो किसी भी संकट को मात दी जा सकती है।








