लखनऊ, सोमवार 10 नवंबर 2025। दिल्ली में हुए धमाके (Delhi Blast) के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण को फोन पर घटना की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था को “टॉप प्रायोरिटी (Top Priority)” पर मजबूत करने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस को सतर्क, चौकन्ना और हर स्तर पर तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने सभी जिलों में सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और बाजारों में सुरक्षा कड़ी करने के आदेश दिए।
DGP राजीव कृष्ण को मुख्यमंत्री के आठ प्रमुख निर्देश
राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा केवल “कागज पर नहीं, मैदान में दिखनी चाहिए।”
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद DGP कार्यालय से सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों को आठ बिंदुओं पर तत्काल एक्शन के आदेश भेजे गए।
🔹 1. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फील्ड में रहें
सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं फील्ड में उपस्थित रहकर संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों, बाजारों और सार्वजनिक आयोजनों का निरीक्षण करें।
सीएम ने कहा, “मौके पर उपस्थिति ही जनता को भरोसा दिला सकती है कि प्रशासन सतर्क है।”
🔹 2. सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा
महत्त्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, मंदिरों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा कर खतरे के स्तर के अनुसार सुरक्षा बढ़ाई जाए।
🔹 3. वाहन, स्टेशन और मॉल की सघन चेकिंग
बस अड्डों, मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, मॉल, सिनेमाघरों और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर सघन चेकिंग जारी रहे।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “जनता को अनावश्यक असुविधा न हो, पर सुरक्षा से कोई समझौता भी न किया जाए।”
🔹 4. बम स्क्वॉड, ATS और QRT अलर्ट मोड में
राज्यभर में एटीएस (Anti-Terrorism Squad), QRT (Quick Response Teams), बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड को सक्रिय मोड में रहने का निर्देश दिया गया है।
हर जिले में फुट पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और एरिया डॉमिनेशन (Area Domination) के तहत चौकियों पर रात्रि गश्त जारी रहेगी।
🔹 5. CCTV और इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग
सभी जिलों के कंट्रोल रूम को आदेश दिया गया है कि CCTV फीड्स का रीयल-टाइम विश्लेषण (Real-time monitoring) किया जाए।
खुफिया तंत्र (Intelligence Network) और नागरिक सूचना नेटवर्क (Civil Intel Unit) को सक्रिय कर हर संदिग्ध गतिविधि की त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।
🔹 6. लावारिस वस्तुओं और संदिग्धों की जांच
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर छोड़े गए बैग, वाहन या वस्तुओं की सघन जांच के आदेश दिए गए हैं।
बम निरोधक टीमों को हर समय स्टैंडबाय पर रखा गया है।
🔹 7. UP-112 की निरंतर गश्त
UP-112 की PRV (Police Response Vehicles) को संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त करने के निर्देश हैं।
कंट्रोल रूम से हर घंटे फीडबैक लिया जा रहा है।
🔹 8. सोशल मीडिया और अफवाहों पर निगरानी
सीएम योगी ने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
साइबर सेल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ाने और हर संदिग्ध संदेश को ट्रैक करने का निर्देश दिया गया है।
पूरे प्रदेश में पुलिस फोर्स अलर्ट मोड में
मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद यूपी पुलिस फोर्स तुरंत सक्रिय हो गई है।
लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, नोएडा, और आगरा जैसे प्रमुख जिलों में चेकिंग ड्राइव और पेट्रोलिंग शुरू हो गई है।
रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मॉल और बस अड्डों पर अतिरिक्त सुरक्षाबल की तैनाती कर दी गई है।
ATS और STF की टीमें भी संवेदनशील जिलों में तैनात की जा रही हैं।
खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि दिल्ली धमाके से जुड़े किसी भी नेटवर्क या संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखें।
डीजीपी कार्यालय ने बयान जारी किया —
“राज्य में सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
🪶 Conclusion (Journalistic Insight):
Delhi Blast के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का त्वरित और कठोर रवैया दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
पुलिस, बम स्क्वॉड, ATS और खुफिया इकाइयों की समन्वित कार्रवाई यह बताती है कि राज्य प्रशासन “Zero Tolerance Policy” पर काम कर रहा है।
राज्य सरकार ने जनता से अपील की है कि सतर्क रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां 24 घंटे निगरानी पर हैं।












