लखनऊ, बुधवार 12 नवम्बर 2025: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार का दिन खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आगामी एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 (FIH Junior Hockey World Cup 2025) की प्रतिष्ठित ट्रॉफी का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत की टीम को आगामी टूर्नामेंट में जीत की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि,
“हॉकी भारत की आत्मा में बसती है। यह ट्रॉफी केवल खेल नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती ने मेजर ध्यानचंद जैसे खिलाड़ियों को जन्म दिया, जिनकी बदौलत भारत ने हॉकी में दुनिया भर में अमिट छाप छोड़ी।
🌍 चेन्नई और मदुरै में होगा टूर्नामेंट
Junior Hockey World Cup 2025 के मुकाबले इस साल 28 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक तमिलनाडु के चेन्नई और मदुरै में खेले जाएंगे।
यह विश्व कप कई मायनों में खास होगा क्योंकि पहली बार 24 टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं — जिनमें भारत, चीन, बेल्जियम, जापान, स्पेन, न्यूजीलैंड, चिली, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसी शीर्ष टीमें शामिल हैं।
भारत इस टूर्नामेंट का मेजबान देश (Host Nation) है और उसने इससे पहले 2001 और 2016 में यह खिताब अपने नाम किया था। इस बार भारतीय टीम घरेलू मैदान पर तीसरी बार विजेता बनने के लक्ष्य के साथ उतरने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा हॉकी टीम में वह जज़्बा और प्रतिभा है जो देश को एक बार फिर गौरवान्वित करेगी।
🏆 “लखनऊ में ट्रॉफी का आगमन उत्तर प्रदेश के स्वर्णिम खेल इतिहास की याद दिलाता है”
ट्रॉफी का स्वागत करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा —
“एफआईएच जूनियर हॉकी विश्व कप 2025 की ट्रॉफी का लखनऊ आना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह हमें हमारे स्वर्णिम अतीत की याद दिलाती है, जब भारत हॉकी के मैदानों में अपराजेय था।”
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का हॉकी में योगदान अविस्मरणीय (Unforgettable) रहा है।
मेजर ध्यानचंद, के.डी. सिंह बाबू, मोहम्मद शाहिद, और ललित उपाध्याय जैसे खिलाड़ियों ने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
🏅 मेजर ध्यानचंद और के.डी. सिंह बाबू को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद किया और कहा,
“मेजर ध्यानचंद उत्तर प्रदेश की धरती के सपूत थे, जिन्होंने तीन ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतकर भारत को गौरवान्वित किया।”
उन्होंने बताया कि मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है और इस वर्ष से इसका पहला सत्र प्रारंभ हो चुका है।
इसके साथ ही, बाराबंकी में हॉकी के दिग्गज के.डी. सिंह बाबू के निवास को म्यूज़ियम के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी उनके योगदान को जान सके।
🏑 हॉकी खिलाड़ियों का गौरवशाली इतिहास
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश से निकले उन खिलाड़ियों का भी उल्लेख किया, जिन्होंने भारतीय हॉकी को ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उन्होंने पद्म पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों के नाम गिनाते हुए कहा —
“मोहम्मद शाहिद, अशोक कुमार, रवींद्र पाल, सैयद अली, डॉ. आर.पी. सिंह, सुजीत कुमार, अब्दुल अज़ीज़, सुबोध खांडेकर, रजनीश मिश्र, देवेश चौहान, ललित उपाध्याय, दानिश मुतजबा, राजकुमार पाल और प्रीति दुबे** जैसे खिलाड़ी हमारे प्रदेश का गौरव हैं।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राजकुमार पाल, उत्तम सिंह, विष्णुकांत सिंह, साक्षी, ज्योति, और पूर्णिमा भारत की सीनियर और जूनियर राष्ट्रीय टीमों में शामिल होकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
🌟 “खेल संस्कृति को नई ऊंचाई दे रहा है उत्तर प्रदेश”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार खेल और खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण देने के लिए लगातार काम कर रही है।
प्रदेश में खेल स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, और टैलेंट आइडेंटिफिकेशन मिशन शुरू किए गए हैं ताकि ग्रामीण इलाकों से भी नए खिलाड़ी उभर सकें।
उन्होंने कहा,
“हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश न सिर्फ खेलों में अग्रणी बने, बल्कि देश के स्पोर्ट्स हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करे।”
🎖️ समारोह में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव, विभाग के सचिव सुहास एल.वाई., निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह, हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह, डीजी हॉकी इंडिया कमांडर आर.के. श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश हॉकी के महासचिव रजनीश कुमार मिश्रा, और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ललित उपाध्याय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने इन सभी पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 के सफल आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं हैं।
🕊️ निष्कर्ष
जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का लखनऊ आगमन न केवल एक खेल आयोजन का हिस्सा है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की खेल विरासत (Sports Legacy) का उत्सव है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल दर्शाती है कि प्रदेश केवल खेल प्रतिभा का केंद्र नहीं, बल्कि भारत के हॉकी पुनर्जागरण (Hockey Renaissance) की धड़कन भी है।
अब देशभर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मेजबान भारत एक बार फिर Junior Hockey World Cup 2025 की ट्रॉफी घर ला पाएगा।












