नई दिल्ली, बुधवार 12 नवम्बर 2025: दिल्ली के लाल किले (Red Fort) के पास हुए धमाके को केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से ‘आतंकी घटना (Terror Attack)’ घोषित कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अहम बैठक में इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला बताया गया।
बैठक में दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पारित किया गया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आतंकवाद पर भारत की ‘Zero Tolerance Policy (शून्य सहनशीलता नीति)’ दोहराते हुए कहा कि देश की शांति, एकता और अखंडता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
🏛️ सीसीएस बैठक में हुआ फैसला — “यह देश की एकता पर हमला”
कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मौजूद रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि —
“लाल किला धमाका देश की संप्रभुता पर हमला है। यह कायराना और निंदनीय कृत्य है, जिसके लिए दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
बैठक में पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
⚖️ जांच एजेंसियों को मिले सख्त निर्देश
कैबिनेट ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया है कि —
- धमाके में शामिल सभी आतंकियों, सहयोगियों और प्रायोजकों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाए।
- एनआईए (NIA), दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) मिलकर संयुक्त जांच करें।
- विदेशी हैंडलर्स या फंडिंग चैनल से जुड़ी कड़ी कार्रवाई की जाए।
सरकार ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता (National Security Highest Priority) है और किसी भी आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा।
🇮🇳 “आतंकवाद पर भारत की नीति साफ है — जीरो टॉलरेंस”
बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि भारत की आतंकवाद के प्रति नीति “Zero Tolerance” पर आधारित है और इसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा।
“भारत आतंकवाद के हर रूप का विरोध करता है। जो देश या संगठन इसे बढ़ावा देंगे, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे,”
सरकारी प्रवक्ता ने कहा।
कैबिनेट ने यह भी कहा कि भारत अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि सक्रिय रणनीतिक प्रतिक्रिया (Active Strategic Response) की नीति पर आगे बढ़ेगा।
🌍 अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन
सीसीएस बैठक में उन विदेशी देशों का आभार व्यक्त किया गया जिन्होंने इस हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई।
अमेरिका, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और रूस समेत कई देशों ने दिल्ली धमाके को लेकर भारत को समर्थन संदेश भेजा है।
“संकट की इस घड़ी में वैश्विक समर्थन भारत की दृढ़ता और कूटनीतिक ताकत को और मजबूत करता है,”
कैबिनेट प्रस्ताव में कहा गया।
🏥 पीएम मोदी ने घायलों से की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी भूटान दौरे से लौटने के तुरंत बाद एक्शन मोड में दिखे।
सुबह दिल्ली लौटते ही उन्होंने एलएनजेपी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
उन्होंने अस्पताल में कहा —
“इस हमले के दोषी चाहे जहां हों, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा। आतंकवाद को कोई जगह नहीं दी जाएगी।”
इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे प्रधानमंत्री ने कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक बुलाई।
🔐 रॉ प्रमुख को मिला अतिरिक्त प्रभार
सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए खुफिया तंत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है।
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के प्रमुख पराग जैन (Parag Jain) को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
पराग जैन, पंजाब कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और एक जुलाई 2024 को रॉ प्रमुख का पदभार संभाला था।
यह नियुक्ति “अगले आदेश तक या नियमित नियुक्ति होने तक” प्रभावी रहेगी।
💥 धमाके की पृष्ठभूमि — 12 लोगों की मौत, कई घायल
10 नवंबर की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक चलती कार में हाई-इंटेंसिटी विस्फोट (High-Intensity Explosion) हुआ था।
धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास खड़ी गाड़ियाँ और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं।
अब तक की जानकारी के अनुसार —
- 12 लोगों की मौत हो चुकी है।
- कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
- घटना स्थल से विस्फोटक सामग्री, सीसीटीवी फुटेज, और संदिग्ध वाहन के अवशेष बरामद किए गए हैं।
🚨 संदिग्धों की तलाश में छापेमारी
जांच एजेंसियों ने घटना से पहले संदिग्ध उमर नामक व्यक्ति की गतिविधियों को ट्रैक किया है, जो कश्मीरी गेट, जामा मस्जिद और सराय काले खां जैसे इलाकों में सक्रिय था।
उसकी लोकेशन ट्रैकिंग और कॉल रिकॉर्ड्स से अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस धमाके के पीछे विदेशी फंडिंग और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ हो सकता है।
🛡️ राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हाई अलर्ट घोषित किया है।
- मेट्रो स्टेशनों, हवाई अड्डे और रेलवे टर्मिनलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
- प्रमुख सरकारी इमारतों और दूतावासों की सुरक्षा समीक्षा की गई है।
- संवेदनशील राज्यों — उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर — में भी अलर्ट जारी किया गया है।
🕊️ निष्कर्ष
Delhi Blast Terror Attack 2025 ने एक बार फिर यह साबित किया है कि आतंकवाद भारत के खिलाफ एक सतत खतरा है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट है —
“आतंकवाद के खिलाफ कोई नरमी नहीं, कोई समझौता नहीं।”
कैबिनेट की मंजूरी और सुरक्षा तंत्र की तत्परता से यह संदेश गया है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पूर्व-निवारक कार्रवाई की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।











