UP Bar Council Election में पहली बार हुआ व्यापक डिग्री वेरीफिकेशन, 70% सत्यापन पूरा
प्रयागराज, गुरुवार, 13 नवंबर 2025। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के 25 सदस्यों के निर्वाचन की प्रक्रिया अब आधिकारिक रूप से शुरू होने जा रही है। UP Bar Council Election के लिए नामांकन कल यानी शुक्रवार से प्रारंभ होंगे। इस बार चुनाव कई मायनों में खास है, क्योंकि पहली बार मतदाता अधिवक्ताओं की डिग्रियों और शैक्षिक प्रमाणपत्रों का बड़े स्तर पर सत्यापन कराया गया है।
बार काउंसिल ने निवर्तमान सदस्यों की डिग्रियों के सत्यापन से शुरुआत की, जो सभी सही पाई गईं। इस बार 2,49,808 अधिवक्ता मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
UP Bar Council Election—डिग्री वेरीफिकेशन में 120 फर्जी प्रमाणपत्र मिले
काउंसिल के सचिव और चुनाव अधिकारी राम किशोर शुक्ल ने गुरुवार को प्रेस से बातचीत में बताया कि अधिवक्ताओं के वेरिफिकेशन डिक्लेरेशन फॉर्म में संलग्न की गई डिग्रियों और प्रमाणपत्रों को संबंधित विश्वविद्यालयों, बोर्डों और संस्थानों को भेजकर सत्यापन कराया गया।
अब तक कुल लगभग 70% डिग्रियों का सत्यापन पूरा हो चुका है। शेष 30% डिग्रियों की जांच 31 जनवरी तक पूरी करने की कोशिश की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के कारण, जिनकी डिग्री अभी सत्यापित नहीं हुई है, उन 30% अधिवक्ताओं के नाम फिलहाल मतदाता सूची में बने रहेंगे।
हालांकि, यदि इनमें से किसी की डिग्री फर्जी पाई जाती है, तो बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
सबसे गंभीर बात यह है कि सत्यापन प्रक्रिया में 120 वकीलों की डिग्रियां फर्जी मिली हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं। इनके खिलाफ रिपोर्ट बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेज दी गई है।
चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन अधिवक्ताओं को सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालय, पंजीकरण समिति या अनुशासन समिति द्वारा डिबार किया गया है, उनके नाम भी मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं।
चुनाव कार्यक्रम—UP Bar Council Election का पूरा शेड्यूल
नामांकन
- 14 से 19 नवंबर
नामांकन पत्रों की जांच
- 20 और 21 नवंबर
नाम वापसी
- 27 नवंबर तक
अंतिम सूची जारी
- 28 नवंबर
मतदान—चार चरणों में होगा UP Bar Council Election
- पहला चरण: 16 व 17 जनवरी
- दूसरा चरण: 20 व 21 जनवरी
- तीसरा चरण: 27 व 28 जनवरी
- चौथा चरण: 30 व 31 जनवरी
चार चरणों में मतदान का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन, निष्पक्षता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।












