सीएम योगी की समीक्षा बैठक में बना मजबूत रोडमैप, प्राचीन तीर्थों से लेकर आधुनिक सुविधाओं तक का खाका तय
लखनऊ, रविवार 16 नवंबर 2025 — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को संभल जिले के District Development की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले का विकास चरणबद्ध और मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने कहा कि संभल को तेजी से विकसित करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि विकास के पहले चरण में प्राचीन 68 तीर्थों और 19 कूपों का जीर्णोद्धार अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर उन्हें पर्यटन व स्थानीय अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
दूसरा चरण—म्यूजियम, लाइट एंड साउंड और सांस्कृतिक प्रोजेक्ट पर फोकस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास के दूसरे चरण के तहत—
- म्यूजियम निर्माण
- लाइट एंड साउंड शो
- पर्यटन-संस्कृति आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर
जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका मानना है कि इन परियोजनाओं से संभल का ऐतिहासिक महत्व फिर से स्थापित होगा और जिले को पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान मिलेगी।
न्यायालय, कारागार और PAC स्थापना पर भी जल्द कार्रवाई
बैठक में मुख्यमंत्री ने जनपद न्यायालय, कारागार और पीएसी इकाई के निर्माण में तेजी लाने का आदेश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि आवासीय और अनावासीय भवनों के लिए 93% भूमि क्रय पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने डीपीआर तैयार कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग और प्रमुख तीर्थ स्थलों के पास—
- भूमि अधिग्रहण
- सड़क निर्माण
- सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार
को भी प्राथमिकता देने को कहा।
ईंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स का प्रस्ताव—सभी विभाग एक ही भवन में
सीएम योगी ने सुझाव दिया कि संभल में एक इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स भवन बनाया जाए जहां सभी विभागों के कार्यालय एक ही स्थान पर संचालित हों।
यह मॉडल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और जनता को सुगम सेवाएं देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राजस्व, गृह, न्याय, धर्मार्थ कार्य, पर्यटन-संस्कृति, नगर विकास, लोक निर्माण समेत कई विभागों की प्रगति रिपोर्ट भी देखी।
महिष्मती नदी का पुनरुद्धार—CM योगी ने River Revival को बताया जीवनदायिनी मिशन
समीक्षा बैठक के महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक था महिष्मती नदी का पुनरुद्धार।
सीएम योगी ने कहा कि—
- “नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी शक्ति हैं।”
- नमामि गंगे मॉडल पर महिष्मती नदी के पुनरुद्धार को गति दी जाए।
- परियोजना की DPR तैयार कर सभी विभाग तेजी से काम शुरू करें।
उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि नदी संरक्षण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नगर विकास की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा—समय सीमा तय
मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की निम्न योजनाओं की स्थिति जानी—
- वंदन योजना
- मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना
- अंत्येष्टि स्थल विकास योजना
- नगरीय जल विकास योजना
- झील/पोखर/तालाब संरक्षण योजना
- पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना
उन्होंने कहा कि इन सभी योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।
इसके साथ ही सीएम योगी ने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट के निर्माण की प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया, ताकि जिले में स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को मजबूत आधार मिल सके।












