लखनऊ, Thu, 04 Dec 2025। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। समाज कल्याण विभाग अब Free UPPCS Coaching के माध्यम से पुरुष अभ्यर्थियों को पीसीएस मुख्य परीक्षा की तैयारी बिल्कुल मुफ्त कराएगा। यह सुविधा विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उन अभ्यर्थियों के लिए है, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय छह लाख रुपये तक है। इच्छुक उम्मीदवार 12 दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
कोचिंग का संचालन लखनऊ के गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान में किया जाएगा, जहाँ छात्रों को हॉस्टल, भोजन और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएँ भी निःशुल्क प्रदान की जाएँगी।
किन अभ्यर्थियों को मिलेगा फायदा?
भागीदारी भवन के संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि यह योजना केवल पुरुष अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध है।
इसके लिए अभ्यर्थी को—
- पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2025 उत्तीर्ण होना आवश्यक है
- वार्षिक पारिवारिक आय ₹6,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए
- जाति वर्ग—SC, ST या OBC होना चाहिए
ऐसे पात्र अभ्यर्थियों को लेटरल एंट्री के माध्यम से कोचिंग में प्रवेश दिया जाएगा। मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित होने तक कक्षाएँ नियमित रूप से संचालित रहेंगी।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
Free UPPCS Coaching के लिए आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है:
- प्रारंभिक परीक्षा का प्रमाणपत्र
- जाति प्रमाणपत्र
- आय प्रमाणपत्र
- शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्रों की प्रतियां
- ₹2000 की काशन मनी, जो प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा है
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम प्रवेश प्रदान किया जाएगा।
कोचिंग में क्या-क्या सुविधाएँ मिलेंगी?
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को कई तरह की सुविधाएँ दी जाएँगी:
- मुफ़्त आवास (हॉस्टल सुविधा)
- मुफ़्त भोजन
- लाइब्रेरी एवं अध्ययन सामग्री
- विषयवार विशेषज्ञों द्वारा मुख्य परीक्षा की तैयारी
- उत्तर लेखन अभ्यास एवं टेस्ट-सीरीज़
छात्रों के लिए यह अवसर न केवल आर्थिक बोझ कम करता है, बल्कि एक व्यवस्थित वातावरण में पढ़ाई करने का मौका भी देता है।
Free UPPCS Coaching: आवेदन कैसे करें?
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन/ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संबंधित संस्थान में पूरी की जा सकती है। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा यानी 12 दिसंबर 2025 से पहले ही दस्तावेज जमा करने होंगे। कोचिंग का अंतिम बैच मुख्य परीक्षा की तिथि तक लगातार चलता रहेगा।
क्यों है यह योजना विशेष?
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का खर्च हर साल बढ़ता जा रहा है, ऐसे में कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थी सिर्फ आर्थिक कारणों से तैयारी नहीं कर पाते। यह सरकारी पहल न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का सहारा बनेगी, बल्कि राज्य में प्रशासनिक सेवाओं में समान अवसर भी सुनिश्चित करेगी।












