राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

जल जीवन मिशन: उत्तर प्रदेश के 2.5 करोड़ परिवारों तक पहुँचा ‘नल से जल’, 80% ग्रामीण योजनाएं सौर ऊर्जा पर

On: January 24, 2026
Follow Us:
जल जीवन मिशन: उत्तर प्रदेश के 2.5 करोड़ परिवारों तक पहुँचा ‘नल से जल’
---Advertisement---

लखनऊ, 24 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश में नल से जल अब सिर्फ सरकारी नारा नहीं, बल्कि लाखों ग्रामीण घरों की रोज़मर्रा की सच्चाई बन चुका है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश ने 26,564 गांवों को ग्राम पंचायतों के माध्यम से “हर घर जल” प्रमाणित कराया है। इसके साथ ही लगभग ढाई करोड़ ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन (FHTC) उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

यह उपलब्धि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आगे बढ़कर ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता, महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य सुरक्षा से सीधे जुड़ती है। जिन घरों में कभी पानी के लिए सुबह की पहली किरण से जद्दोजहद शुरू होती थी, वहां अब रसोई के पास लगे नल से पानी बहता है।

सौर ऊर्जा मॉडल: पर्यावरण की रक्षा, खर्च में कटौती

प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पेयजल योजनाओं को टिकाऊ और किफायती बनाने के लिए सौर ऊर्जा आधारित मॉडल पर विशेष जोर दिया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की 80 प्रतिशत ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाएं सोलर एनर्जी पर संचालित हो रही हैं।

  • अब तक 33,000 से अधिक पेयजल योजनाएं सौर ऊर्जा से चल रही हैं।
  • इससे बड़े पैमाने पर बिजली खर्च में बचत हो रही है।
  • इन सोलर आधारित प्रणालियों से हर वर्ष लगभग 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आंकी गई है।

यानी नल से जल की यह व्यवस्था केवल प्यास नहीं बुझा रही, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम बन चुकी है।

केंद्रीय सचिव ने सराहा यूपी का ‘ऑटोमेशन मॉडल’

हाल ही में केंद्र सरकार के सचिव अशोक कुमार मीना ने लखनऊ के गोसाईंगंज स्थित चांद सराय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना का निरीक्षण किया। ₹260.95 लाख की लागत से तैयार इस योजना में:

  • 17.50 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट,
  • 6 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन वितरण प्रणाली,
  • 486 परिवारों को सीधा लाभ

शामिल है। निरीक्षण के बाद उन्होंने यहां की स्वचालन प्रणाली (Automation System) को “उत्कृष्ट और अनुकरणीय मॉडल” बताया।

महिलाओं को राहत, स्वास्थ्य में सुधार

ग्रामीण परिवेश में पानी लाने की जिम्मेदारी अक्सर महिलाओं और बच्चियों पर होती थी। कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी ढोना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। नल से जल व्यवस्था ने इस बोझ को काफी हद तक हल्का किया है।

इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों (Water-borne diseases) में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है। सुरक्षित पानी अब बीमारी की आशंका नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की गारंटी बन रहा है।

97 हजार गांवों में कार्य प्रगति पर

प्रदेश में वर्तमान समय में 97,000 से अधिक गांवों में पाइप पेयजल योजनाओं पर तेज़ी से काम चल रहा है। लक्ष्य है कि शेष सभी ग्रामीण क्षेत्रों को भी जल्द “हर घर जल” से जोड़ा जाए, ताकि नल से जल का यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में समान रूप से साकार हो सके।

उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन का यह विस्तार दिखाता है कि जब योजना, तकनीक और क्रियान्वयन एक साथ चलते हैं, तो बदलाव सिर्फ कागजों पर नहीं, लोगों के जीवन में दिखाई देता है। ग्रामीण आंगनों में बहता पानी अब विकास की एक शांत, लेकिन प्रभावशाली धारा बन चुका है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now