गोरखपुर, 5 मार्च 2026। सीएम योगी होली गोरखनाथ मंदिर में मनाए गए होलिकोत्सव का दृश्य बुधवार सुबह बेहद आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण रहा। गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में होलिका भस्म की पूजा कर पारंपरिक रूप से होली उत्सव का शुभारंभ किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए इस अनुष्ठान में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और मंदिर परिवार ने भाग लिया।
पूजा के बाद मंदिर परिसर में फाग गीतों की गूंज सुनाई दी और वातावरण रंग, अबीर-गुलाल और फूलों की खुशबू से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने गोरक्षपीठाधीश्वर के साथ रंगों और फूलों की होली खेलकर पर्व की खुशियां साझा कीं।
सीएम योगी होली गोरखनाथ मंदिर: होलिका भस्म से तिलक, संतों ने दी शुभकामनाएं
होलिकोत्सव की शुरुआत सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के मेला ग्राउंड में जलाई गई होलिका के पास हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर वहां पहुंचे और वैदिक विधि से होलिका भस्म (सम्मत की राख) की पूजा-अर्चना की।
उन्होंने आरती उतारी और भस्म का तिलक लगाकर मंगलकामना की। इसके बाद मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ सहित अन्य साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भी उसी भस्म से गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलक किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
सीएम योगी ने भी संतों और श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। मंदिर परिसर में उस समय आध्यात्मिकता और उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिला।
फाग गीतों की गूंज, रंग-गुलाल और फूलों की होली
होलिका पूजा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरु गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और श्रीनाथ जी को होलिका भस्म अर्पित की। इसके बाद मंदिर के द्वार पर पारंपरिक फाग गीतों का आयोजन हुआ, जिसमें लोक संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी।
सीएम योगी कुछ समय तक वहीं बैठकर फाग गीतों का आनंद लेते रहे। जैसे ही वे श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे, लोगों ने उन पर अबीर-गुलाल और फूलों की वर्षा कर दी।
मंदिर परिसर में रंगों के साथ भक्ति और उत्साह का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने गोरक्षपीठाधीश्वर के साथ पारंपरिक अंदाज में होली खेली और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
गोवंश को लगाया तिलक, गुड़ खिलाकर की गोसेवा
होली के इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर की गोशाला भी पहुंचे। यहां उन्होंने गोवंश को भस्म और गुलाल का तिलक लगाया और गुड़ खिलाकर उनकी सेवा की।
दिलचस्प दृश्य तब देखने को मिला जब गोशाला में सीएम योगी की आवाज सुनकर कई गोवंश उनकी ओर दौड़ते हुए आ गए। मुख्यमंत्री ने उन्हें प्यार से सहलाया, माथा और गर्दन पर हाथ फेरकर दुलार किया।
गोसेवा के इस भावपूर्ण क्षण ने उपस्थित लोगों को भी भावुक कर दिया और होली के पर्व को सेवा और करुणा के संदेश से जोड़ दिया।
परंपरा, आध्यात्म और उत्सव का संगम
गोरखनाथ मंदिर में मनाया गया यह होलिकोत्सव केवल रंगों का पर्व नहीं बल्कि धार्मिक परंपरा, लोक संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक भी बना। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में योगी आदित्यनाथ द्वारा निभाई जा रही यह परंपरा वर्षों से गोरखनाथ पीठ की पहचान रही है।
होलिका भस्म पूजा, फाग गीतों की मधुर धुन और श्रद्धालुओं के साथ रंग-गुलाल की होली ने गोरखपुर के इस ऐतिहासिक मंदिर को उत्सव और भक्ति के रंग में रंग दिया।








