गोरखपुर, 05 मार्च 2026। रंग, उमंग और सामाजिक समरसता के प्रतीक पर्व होली के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर होली मिलन समारोह का आयोजन बड़े उत्साह और भव्यता के साथ किया गया। बुधवार दोपहर बाद आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उपस्थित होकर श्रद्धालुओं और नागरिकों को होली की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से उपस्थित लोगों पर फूलों की वर्षा की और सभी के साथ फूलों की होली खेलकर वातावरण को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में साधु-संतों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंग गया।
गोरखनाथ मंदिर होली मिलन समारोह में सकारात्मक सोच का संदेश
गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाज को सकारात्मक सोच के महत्व का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि समाज में हमेशा दो प्रकार की शक्तियां सक्रिय रहती हैं—एक वे जो सकारात्मक सोच के साथ समाज को आगे बढ़ाने का प्रयास करती हैं और दूसरी वे जो नकारात्मक सोच के कारण विध्वंसात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देती हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ने वाली ताकतें ही अंततः विजय प्राप्त करती हैं, क्योंकि उनका उद्देश्य समाज में शांति, विकास और सद्भाव स्थापित करना होता है। उनके अनुसार, होली का पर्व भी इसी सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आने की प्रेरणा देता है।
होली का पर्व समरसता और सामाजिक एकता का प्रतीक
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में मनाए जाने वाले हर पर्व के पीछे कोई न कोई महत्वपूर्ण सामाजिक या आध्यात्मिक संदेश छिपा होता है। ऋषि परंपरा ने इन त्योहारों के माध्यम से समाज को धर्म, कर्तव्य और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली का पर्व इस बात का उदाहरण है कि भारतीय संस्कृति में भेदभाव और छुआछूत के लिए कोई स्थान नहीं है। इस अवसर पर हर वर्ग और हर समुदाय के लोग एक साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं।
दुनिया में अशांति, लेकिन भारत में उत्सव का माहौल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता और तनाव का माहौल देखने को मिल रहा है, लेकिन भारत में आज भी लोग शांति और उत्साह के साथ अपने पर्व-त्योहार मना रहे हैं।
उनके अनुसार, इसका मुख्य कारण यह है कि भारत की सभ्यता और संस्कृति हमेशा सकारात्मक सोच और सहअस्तित्व पर आधारित रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने कभी किसी के लिए बुरा नहीं सोचा और न ही किसी के साथ बुरा किया। यही कारण है कि भारत आज भी दुनिया के सामने एक सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
राष्ट्र प्रथम की भावना से निभाएं अपने दायित्व
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब हर नागरिक “राष्ट्र प्रथम” की भावना को अपनाकर अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाए।
उन्होंने यह भी कहा कि भक्ति और राष्ट्रभक्ति का संबंध अत्यंत गहरा है। भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान नृसिंह जैसे आदर्श हमारे सामने हैं, लेकिन समाज को आगे बढ़ाने के लिए हनुमान, अर्जुन और प्रह्लाद जैसी समर्पित भक्ति भावना की आवश्यकता है।
होली गीतों से गूंजा गोरखनाथ मंदिर परिसर
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी माहौल को और अधिक रंगीन बना दिया। प्रसिद्ध लोकगायक राकेश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने पारंपरिक होली गीत प्रस्तुत किए, जिनका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आनंद लिया।
इस दौरान गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने भी मंच से होली गीत प्रस्तुत कर समारोह में नई ऊर्जा भर दी। गीतों के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों पर पुष्पवर्षा कर फूलों की होली खेली, जिससे पूरा वातावरण उल्लास और आनंद से भर गया।
बड़ी संख्या में जुटे साधु-संत और नागरिक
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित इस गोरखनाथ मंदिर होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में हर तरफ रंग, गुलाल और संगीत का माहौल था।
कार्यक्रम में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और शुभकामनाएं देकर होली के इस पर्व को यादगार बना दिया।








