नई दिल्ली (7 मार्च 2026)। नेपाल में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की जनता और सरकार को बधाई दी है। उन्होंने इसे नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण पड़ाव बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी और करीबी मित्र देश नेपाल के साथ मिलकर क्षेत्र में शांति, प्रगति और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नेपाल की जनता ने जिस उत्साह और जिम्मेदारी के साथ अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया है, वह पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती का प्रतीक भी बताया।
नेपाल में शांतिपूर्ण चुनाव पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि नेपाल में सफल और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना वहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था की परिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने नेपाली नागरिकों को “भाई-बहन” बताते हुए कहा कि इतने बड़े लोकतांत्रिक अभ्यास में उनकी सक्रिय भागीदारी देखना बेहद खुशी की बात है।
पीएम मोदी ने कहा, “नेपाल की जनता और सरकार को सफल और शांतिपूर्ण चुनाव कराने पर हार्दिक बधाई। अपने नेपाली भाई-बहनों को इतने उत्साह के साथ अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करते देखना अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक गौरवपूर्ण क्षण है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता की ऐसी भागीदारी किसी भी देश की राजनीतिक स्थिरता और विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा देने की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में भारत और नेपाल के ऐतिहासिक रिश्तों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंध रहे हैं, जो समय के साथ और मजबूत होते गए हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि नेपाल की नई सरकार के साथ भारत मिलकर क्षेत्रीय सहयोग को और आगे बढ़ाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि एक करीबी मित्र और पड़ोसी होने के नाते भारत नेपाल के साथ मिलकर शांति, विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रतिबद्ध है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल में शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न होना दक्षिण एशिया के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल नेपाल की आंतरिक राजनीतिक स्थिरता मजबूत होगी, बल्कि भारत-नेपाल सहयोग के नए अवसर भी सामने आएंगे।
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, सांस्कृतिक जुड़ाव और व्यापारिक संबंध दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं। ऐसे में नेपाल में शांतिपूर्ण चुनाव के बाद बनने वाली नई सरकार से दोनों देशों के संबंधों में और मजबूती आने की उम्मीद जताई जा रही है।












