राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर जांच के आदेश, पेपर सेट करने वाली कंपनी हो सकती है ब्लैकलिस्ट

On: March 15, 2026
Follow Us:
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर जांच के आदेश
---Advertisement---

लखनऊ, 15 मार्च 2026। यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा विवादित प्रश्न को लेकर रविवार को पूरे प्रदेश में चर्चा तेज हो गई। उप निरीक्षक (SI) एवं समकक्ष पदों के लिए आयोजित परीक्षा के पहले दिन प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल ने विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर इस प्रश्न को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण की जांच अब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड स्वयं करेगा। जांच में यह भी देखा जाएगा कि प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी किस कंपनी के पास थी और संबंधित प्रश्न किस स्तर पर शामिल किया गया। यदि जांच में लापरवाही या जानबूझकर की गई गलती सामने आती है तो संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इसके अलावा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संभावना भी जताई जा रही है।

दरअसल, शनिवार को आयोजित परीक्षा की पहली पाली में सामान्य हिंदी खंड के अंतर्गत एक प्रश्न पूछा गया था— “अवसर के लिए बदल जाने वाले के लिए एक शब्द लिखिए।”
इस प्रश्न के विकल्पों में पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी दिए गए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्नपत्र का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और कई लोगों ने “पंडित” शब्द को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर आपत्ति जताई।

सरकार ने लिया गंभीर संज्ञान

मामले के सामने आते ही प्रदेश सरकार के कई जनप्रतिनिधियों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित भाजपा के कई विधायकों और नेताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच के आदेश जारी कर दिए गए।

जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में किस स्तर पर यह शब्द जोड़ा गया। अधिकारी यह पता लगाएंगे कि यह सिर्फ लापरवाही थी या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित व्यक्तियों या एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

शिक्षा मंत्री ने बताया आपत्तिजनक

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में किसी जाति, वर्ग या परंपरा से जुड़े शब्दों का इस प्रकार प्रयोग करना पूरी तरह अनुचित और आपत्तिजनक है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी की पहचान की जानी चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा विधायक ने वीडियो जारी कर जताई आपत्ति

कानपुर की बिठूर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने भी इस मुद्दे पर वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल समाज में अनावश्यक विवाद पैदा करते हैं और इससे जातिगत तनाव बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि समाज को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि यह गलती जानबूझकर की गई है तो जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कदम उठाना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर भी तेज हुई प्रतिक्रिया

इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने इसे संवेदनशील शब्दों के अनुचित इस्तेमाल का मामला बताया है। मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस प्रश्न पर नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने लिखा कि यदि प्रश्नपत्र तैयार करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं होती, तो इससे समाज के एक वर्ग में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने इस घटना को जानबूझकर किया गया निंदनीय कृत्य बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

फिलहाल पुलिस भर्ती बोर्ड की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे विवाद पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now