कोलकाता | 20 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल की सियासत इन दिनों अपने सबसे गर्म दौर में है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाज़ी भी धारदार होती जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीरभूम जिले के सैंथिया में आयोजित रैली से सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। उनका आरोप था कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा चुकी है और आम जनता भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।
बंगाल चुनाव 2026: कानून-व्यवस्था और निवेश पर सवाल
रैली को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उद्योग और निवेश का माहौल लगातार बिगड़ रहा है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ा। उनके शब्दों में, “जहां निवेशक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता, वहां विकास की रफ्तार अपने आप धीमी हो जाती है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश जहां Narendra Modi के नेतृत्व में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, वहीं बंगाल विकास की दौड़ में पीछे छूटता नजर आ रहा है। यह बयान चुनावी माहौल में भाजपा की रणनीति को भी दर्शाता है, जहां राज्य बनाम केंद्र की तुलना को प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है।
ममता सरकार पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप
अपने संबोधन के दौरान Rajnath Singh ने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में भ्रष्टाचार, जमीन माफिया और भाई-भतीजावाद ने जड़ें जमा ली हैं।
उनका कहना था कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी। खास तौर पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उन्होंने ‘दुर्गा स्क्वॉड’ बनाने का ऐलान किया—एक ऐसा विशेष तंत्र, जो महिला अपराधों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करेगा।
बेरोजगारी पर सियासी वार, रोजगार के बड़े वादे
रक्षा मंत्री ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी को भी बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि बंगाल के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं, जो किसी भी राज्य के लिए चिंता का विषय है।
भाजपा की ओर से उन्होंने चुनावी वादा करते हुए कहा कि सत्ता में आने पर 5 वर्षों में 5 लाख नौकरियां दी जाएंगी, यानी हर साल 1 लाख रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग को डेढ़ महीने के भीतर लागू करने का भरोसा भी दिया गया।
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा का मुद्दा भी गरमाया
बांग्लादेश से कथित घुसपैठ के मुद्दे को उठाते हुए Rajnath Singh ने राज्य सरकार पर देरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीमा पर बाड़ लगाने का काम राज्य सरकार की उदासीनता के कारण प्रभावित हुआ है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा सरकार बनने पर सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और घुसपैठ रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
किसानों और स्वास्थ्य योजनाओं पर भी फोकस
रैली में किसानों और आम जनता को साधने की कोशिश भी साफ नजर आई। रक्षा मंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाया जाएगा। साथ ही, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी Ayushman Bharat Yojana योजना को राज्य में पूरी तरह लागू करने का वादा किया गया।
उन्होंने बंगाल को मछली उत्पादन के क्षेत्र में देश में नंबर वन बनाने की बात भी कही—जो राज्य की अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा मुद्दा है।
चुनावी संदेश: “डर बनाम भरोसा”
अपने भाषण के अंत में Rajnath Singh ने इस चुनाव को “डर और भरोसे के बीच की लड़ाई” बताया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे भाजपा को मौका दें और “नया बंगाल” बनाने में योगदान करें।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इस तरह के आक्रामक भाषण से भाजपा चुनावी नैरेटिव को सुरक्षा, विकास और शासन के मुद्दों पर केंद्रित करने की कोशिश कर रही है।












