लखनऊ, 3 मई 2026। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ा ऐलान हुआ है। मेगा जॉब प्लान के तहत राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में डेढ़ लाख से अधिक भर्तियां करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह घोषणा ऐसे समय आई है जब रोजगार और पारदर्शिता दोनों ही युवाओं के लिए सबसे अहम मुद्दे बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इस दौरान उन्होंने 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) और 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे—एक तरह से यह संदेश कि भर्ती प्रक्रिया सिर्फ घोषणा नहीं, जमीन पर लागू हो रही है।
मेगा जॉब प्लान: 2026-27 में बंपर भर्ती का रोडमैप
सरकार ने इस बार भर्ती प्रक्रिया को विभागवार स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
- उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग: 32,000+ पदों पर भर्ती
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग: लगभग 15,000 पद
- शिक्षा चयन आयोग: हजारों शिक्षकों की नियुक्ति
- पुलिस विभाग: अब तक 2.20 लाख से अधिक नियुक्तियां पूरी
इस मेगा जॉब प्लान का मकसद सिर्फ संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि समयबद्ध और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सुनिश्चित करना भी है।
भर्ती में नकल पर सख्ती, आजीवन सजा तक का प्रावधान
सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब किसी भी तरह की ‘सेंधमारी’ बर्दाश्त नहीं होगी।
नए कानून के तहत:
- नकल या पेपर लीक में शामिल लोगों को आजीवन कारावास तक की सजा
- दोषियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान
सीएम योगी ने पुराने सिस्टम पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार आम बात थी, जिससे योग्य उम्मीदवारों को नुकसान होता था। अब इसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार, लैब क्षमता में बड़ा इजाफा
सरकार ने स्वास्थ्य और औषधि क्षेत्र में भी मजबूत ढांचा तैयार किया है।
- 2017 से पहले केवल 5 लैब थीं, अब बढ़कर 18 हो गई हैं
- जांच क्षमता 12,000 से बढ़कर 55,000 नमूने प्रतिवर्ष
- जल्द ही 417 कनिष्ठ विश्लेषकों (खाद्य) की भर्ती
इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलेंगी।
निवेश बढ़ा, रोजगार के नए अवसर बने
सीएम योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार और सुरक्षित माहौल के कारण राज्य में निवेश तेजी से बढ़ा है। खासतौर पर फार्मा सेक्टर में 17 निवेशकों को मंजूरी दी गई है, जो उत्तर प्रदेश में ही दवाओं का निर्माण करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि कोरोना महामारी जैसी चुनौती के बावजूद प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना तक बढ़ी है—जो विकास की गति को दर्शाता है।
निष्कर्ष: रोजगार के साथ भरोसे की भी कोशिश
मेगा जॉब प्लान सिर्फ भर्ती का आंकड़ा नहीं है, बल्कि युवाओं में भरोसा पैदा करने की कोशिश भी है।
सरकार का फोकस अब साफ दिखता है—पारदर्शिता, सख्ती और समयबद्ध प्रक्रिया। अगर यह प्लान तय समय में जमीन पर उतरता है, तो यह न सिर्फ लाखों युवाओं के लिए अवसर बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक दिशा को भी मजबूती देगा।













