लखनऊ (Tue, 12 May 2026)। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर बड़ा बदलाव शुरू हो गया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर को चरणबद्ध तरीके से पोस्टपेड सिस्टम में बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी के तहत राजधानी लखनऊ समेत मध्यांचल के कई जिलों में उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर SMS भेजे जा रहे हैं, जिसमें उनके स्मार्ट मीटर कनेक्शन के पोस्टपेड होने की जानकारी दी जा रही है।
मंगलवार सुबह इंदिरानगर के एक उपभोक्ता को विभाग की ओर से संदेश मिला कि उनका स्मार्ट मीटर कनेक्शन अब पोस्टपेड मोड में परिवर्तित कर दिया गया है। मैसेज में यह भी बताया गया कि हर महीने की 10 तारीख तक बिजली बिल SMS और WhatsApp के माध्यम से भेजा जाएगा, ताकि उपभोक्ता समय पर भुगतान कर सकें।
19 जिलों के 19 लाख उपभोक्ता होंगे प्रभावित
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में करीब 19 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पोस्टपेड व्यवस्था में लाया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि 10 जून 2026 तक सभी संबंधित उपभोक्ताओं को नियमित मासिक बिलिंग सिस्टम से जोड़ दिया जाए।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के प्रीपेड मीटर की 30 दिन की साइकिल पूरी हो रही है, उन्हें अब बिल जारी किए जा रहे हैं। इससे पहले प्रीपेड सिस्टम में उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज कराना पड़ता था, लेकिन अब उपयोग के बाद बिल भुगतान की सुविधा मिलेगी।
Smart Meter Postpaid में कनेक्शन नहीं कटेगा, लेकिन बकायेदारों पर कार्रवाई तय
विभागीय अभियंताओं का कहना है कि केवल प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलाव होने की वजह से किसी भी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। हालांकि जिन उपभोक्ताओं पर पहले से बिजली बिल बकाया है और वे लगातार भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
बिजली विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें बार-बार रिचार्ज कराने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। वहीं विभाग को भी बिलिंग और रिकवरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
राजधानी लखनऊ में तेजी से हो रहा कन्वर्जन
अधिकारियों के अनुसार, मध्यांचल क्षेत्र में कुल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1.04 करोड़ है। इनमें लखनऊ में करीब तीन लाख परिसरों में पहले ही प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके थे। अब तक राजधानी में करीब पांच हजार स्मार्ट मीटर पोस्टपेड में बदले जा चुके हैं, जबकि शेष मीटरों का कन्वर्जन 10 जून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पोस्टपेड बनने पर जमा करनी होगी सिक्योरिटी मनी
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड से पोस्टपेड में बदले जा रहे हैं, उन्हें सिक्योरिटी मनी दोबारा जमा करनी पड़ सकती है। दरअसल, जब पहले पोस्टपेड कनेक्शन को प्रीपेड में बदला गया था, तब उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी राशि समायोजित कर ली गई थी। अब पोस्टपेड व्यवस्था में लौटने पर यह राशि फिर से लागू होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि Smart Meter Postpaid मॉडल लागू होने से बिजली उपभोक्ताओं को पारंपरिक बिलिंग जैसी सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही विभाग को भी उपभोक्ताओं के भुगतान रिकॉर्ड को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।











