लखनऊ (13 मई 2026)। उत्तर प्रदेश में होने जा रही बहुप्रतीक्षित यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर शासन स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को लेकर सरकार किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं दिख रही। यही वजह है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सख्त रखी गई है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि 8 जून से 10 जून तक आयोजित होने वाली परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पूरी गोपनीयता के साथ संपन्न कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रदेशभर के 75 जिलों में बनाए गए 1180 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस भर्ती परीक्षा में कुल 28,86,797 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अमले को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।
परीक्षा केंद्रों पर बाहरी लोगों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित
मुख्य सचिव ने साफ कहा कि परीक्षा केंद्रों के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। केंद्रों पर केवल सत्यापित सरकारी कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाएगी और उनकी तैनाती रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए की जाएगी ताकि किसी प्रकार की मिलीभगत या पक्षपात की आशंका न रहे।
इसके अलावा सभी कर्मचारियों का शत-प्रतिशत सत्यापन ई-केवाईसी के माध्यम से कराया जाएगा। केंद्र व्यवस्थापक समेत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बोर्ड द्वारा निर्धारित पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर रहेगा सख्त प्रतिबंध
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। सेक्टर मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस निर्धारित क्लॉक रूम में जमा कराए जाएं। इतना ही नहीं, परीक्षा केंद्रों में उपयोग में नहीं आने वाले कमरों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में सील किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी नियुक्त कार्मिकों के नामों का मिलान नामांकन सूची से किया जाए और उनकी सघन तलाशी ली जाए ताकि कोई भी व्यक्ति मोबाइल या संदिग्ध उपकरण लेकर परीक्षा परिसर में प्रवेश न कर सके।
परीक्षा से 10 दिन पहले उपलब्ध होगी कर्मचारियों की सूची
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों की सूची परीक्षा तिथि से कम से कम दस दिन पहले उपलब्ध करा दी जाए। साथ ही सभी नामांकित कर्मचारियों को सक्षम अधिकारी या अपर जिलाधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त पहचान पत्र जारी किए जाएं।
उधर, पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष एसबी शिरडकर ने बताया कि यह परीक्षा उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल के 32,679 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जा रही है। ऐसे में परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच भी काफी उत्साह देखा जा रहा है।
पिछले वर्षों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सामने आए पेपर लीक और गड़बड़ी के मामलों के बाद इस बार सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही कारण है कि तकनीकी निगरानी से लेकर प्रशासनिक सख्ती तक, हर स्तर पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।









