नई दिल्ली|21 मई 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर उठे सवाल एक बार फिर संसद तक पहुंच गए हैं। NEET UG परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर गुरुवार को संसदीय समिति की बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के वरिष्ठ अधिकारियों से कई तीखे सवाल पूछे गए। सबसे बड़ा सवाल यही रहा—अगर पेपर एनटीए के सिस्टम से लीक नहीं हुआ, तो परीक्षा दोबारा कराने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी?
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के अधिकारियों ने परीक्षा सुरक्षा, जांच की स्थिति और भविष्य की परीक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी, लेकिन कई सवालों पर जवाब अधूरे माने गए।
NEET UG परीक्षा रद्द पर संसद में उठे सवाल
संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति की बैठक में सांसदों ने परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चिंता जताई। बैठक में शिक्षा सचिव विनीत जोशी सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, सांसदों ने सीधे पूछा कि यदि प्रश्नपत्र एजेंसी के सिस्टम से बाहर नहीं गया, तो परीक्षा रद्द करने जैसा बड़ा निर्णय किस आधार पर लिया गया।
इस पर एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि मामले की जांच सीबीआई कर रही है और एजेंसी जांच पूरी होने से पहले अंतिम टिप्पणी नहीं कर सकती।
“हमारे सिस्टम से पेपर लीक नहीं हुआ”, NTA का दावा
बैठक के दौरान एनटीए अधिकारियों ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रश्नपत्र एजेंसी के डिजिटल सिस्टम से लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है।
हालांकि सांसदों ने इस दलील पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि सिस्टम सुरक्षित था तो परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल क्यों उठे और दोबारा परीक्षा कराने की नौबत कैसे आई।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रश्न पर एनटीए की ओर से विस्तृत तकनीकी स्पष्टीकरण नहीं दिया गया और अधिकारियों ने जांच का हवाला दिया।
कुछ विपक्षी सांसदों ने समिति के समक्ष जांच रिपोर्ट साझा करने की मांग भी रखी। वहीं कुछ सदस्यों ने कहा कि जांच एजेंसी को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए।
परीक्षा सुरक्षा सुधारों पर NTA ने क्या बताया
बैठक में एनटीए और शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों को लेकर प्रस्तुति दी। अधिकारियों के अनुसार, विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर कई अल्पकालिक सुधार लागू किए जा चुके हैं।
इनमें शामिल हैं—
- प्रश्नपत्र सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना
- राज्यों और जिलों के लिए विस्तृत एसओपी लागू करना
- परीक्षा संचालन की निगरानी बढ़ाना
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सिस्टम को सक्रिय करना
- संवेदनशील चरणों में सीमित और सत्यापित मानव हस्तक्षेप
अधिकारियों ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा जारी है।
क्या भविष्य में NEET कंप्यूटर आधारित होगी?
बैठक में यह संकेत भी दिया गया कि भविष्य में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (NEET) को धीरे-धीरे कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में ले जाने पर विचार किया जा रहा है।
इसके साथ ही परीक्षा सुरक्षा बढ़ाने के लिए निम्न तकनीकों के उपयोग की दिशा में काम करने की बात कही गई—
- क्लाउड आधारित सिस्टम
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी
- ब्लॉकचेन आधारित सत्यापन मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रश्नपत्र प्रबंधन और परीक्षा निगरानी अधिक पारदर्शी हो सकती है।
कर्मचारियों की कमी भी बनी चिंता
बैठक के दौरान सांसदों ने एनटीए में मानव संसाधन की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी में लगभग 25 प्रतिशत पद खाली हैं और इन रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया जारी है। तर्क दिया गया कि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने से संचालन और निगरानी तंत्र और मजबूत होगा।
22 लाख से ज्यादा छात्रों पर पड़ा असर
एनटीए के अनुसार, NEET-UG 2026 का आयोजन 3 मई 2026 को किया गया था।
परीक्षा से जुड़े प्रमुख आंकड़े—
- 5,432 परीक्षा केंद्र
- 565 शहर
- 14 विदेशी शहर
- 13 भाषाओं में परीक्षा
- 22.7 लाख से अधिक पंजीकरण
- 22.05 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल
एनटीए के अनुसार, 7 मई को अनियमितताओं की जानकारी सामने आई थी, जिसे अगले दिन जांच एजेंसियों को भेजा गया। बाद की जांच प्रक्रिया और उपलब्ध इनपुट के आधार पर परीक्षा को रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
आगे क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल वही बना हुआ है—क्या जांच पूरी होने के बाद परीक्षा रद्द करने के फैसले की पूरी वजह सार्वजनिक की जाएगी? लाखों अभ्यर्थियों और अभिभावकों की नजर अब जांच के निष्कर्ष और भविष्य की परीक्षा व्यवस्था पर टिकी है।










