नई दिल्ली|23 मई 2026: देशभर के हजारों युवाओं के लिए शनिवार का दिन नई जिम्मेदारियों और नई उम्मीदों के नाम रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेला 2026 के तहत केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं के लिए 51 हजार से अधिक युवाओं को वर्चुअल माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल नौकरी प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि देश के विकास अभियान का सक्रिय हिस्सा बनने का भी क्षण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पाने वाले युवा अब ऐसे क्षेत्रों में काम करेंगे जो सीधे देश की गति और व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इनमें रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका सबसे अहम
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज जिस बदलाव के दौर से गुजर रहा है, उसमें युवाओं की भूमिका केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं है। आने वाले वर्षों में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में यही युवा प्रशासन, सेवा और नवाचार की नई पहचान बनेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में शामिल होने वाले युवाओं के सामने जिम्मेदारी केवल कार्य निष्पादन की नहीं, बल्कि नागरिकों का भरोसा मजबूत करने की भी है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे अपने पद को अवसर की तरह देखें और अपने काम के जरिए देश की प्रगति में योगदान दें।
वैश्विक साझेदारियों से युवाओं और स्टार्टअप्स को मिल रहे नए अवसर
भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के साथ बन रही नई साझेदारियां भारतीय युवाओं के लिए नए रास्ते खोल रही हैं।
उन्होंने कहा कि हर नई अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भारतीय स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और युवा पेशेवरों को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ रही है। इससे भारतीय युवाओं को नई तकनीकों, उन्नत विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया उन देशों को महत्व देती है जो बड़े स्तर पर इनोवेशन, निर्माण और प्रभावी डिलीवरी करने की क्षमता रखते हैं और भारत इन तीनों क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नई अर्थव्यवस्था और ग्रीन सेक्टर में बढ़ रहे रोजगार के अवसर
भविष्य के रोजगार पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में रोजगार का बड़ा हिस्सा नई तकनीक और सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में दिखाई देगा।
उन्होंने विशेष रूप से क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भारत की बढ़ती भागीदारी युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रही है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ ग्रीन ट्रांजिशन और टिकाऊ तकनीक को लेकर सहयोग बढ़ रहा है। वहीं यूएई और नॉर्वे के साथ साझेदारी भारत के शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम को मजबूती देने की दिशा में काम कर रही है।
रोजगार से आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण का संदेश
इस कार्यक्रम के जरिए सरकार ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की कि रोजगार केवल आर्थिक स्थिरता का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ अब इन पर यह जिम्मेदारी भी होगी कि वे अपने कार्यक्षेत्र में सेवा, पारदर्शिता और दक्षता के नए मानक स्थापित करें।











