नई दिल्ली|08 जून 2026: देश की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता के लिए असाधारण साहस दिखाने वाले जवानों और अधिकारियों को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया गया। रक्षा अलंकरण समारोह 2026 (फेज-1) के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस सेवाओं से जुड़े 51 कर्मियों को वीरता पुरस्कार 2026 प्रदान किए। यह समारोह केवल सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि उन वीरों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त करने का भी एक महत्वपूर्ण क्षण रहा, जिन्होंने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए असाधारण बहादुरी का परिचय दिया।
वीरता पुरस्कार 2026 में 51 कर्मियों को मिला सम्मान
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में कुल 51 वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र शामिल रहे। सम्मानित किए गए अधिकारियों और जवानों को आतंकवाद-रोधी अभियानों, सुरक्षा मिशनों, विशेष सैन्य अभियानों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अद्वितीय साहस दिखाने के लिए चुना गया।
इन पुरस्कारों के माध्यम से उन कर्मियों के योगदान को मान्यता दी गई, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्रहित में कर्तव्य निभाया। समारोह के दौरान उपस्थित सैन्य अधिकारियों, परिजनों और गणमान्य अतिथियों ने सम्मानित वीरों का अभिवादन किया।
गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्री प्रशांत नायर को मिला कीर्ति चक्र
वीरता पुरस्कार 2026 की सबसे चर्चित उपलब्धियों में भारतीय वायुसेना के अधिकारी और गगनयान मिशन के लिए चयनित अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन (अब एयर कमोडोर) प्रशांत बालकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाना रहा।
प्रशांत नायर, जिन्हें उनके सहयोगियों के बीच “पापा” कॉल साइन से भी जाना जाता है, भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं। उन्हें चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उत्कृष्ट नेतृत्व, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
उनकी उपलब्धि न केवल भारतीय वायुसेना बल्कि देश के उभरते अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है। गगनयान मिशन से जुड़े होने के कारण उनका सम्मान युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
शहीदों के बलिदान को राष्ट्र ने किया नमन
समारोह का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब शहीद जवानों के परिजनों ने राष्ट्रपति के हाथों मरणोपरांत पुरस्कार प्राप्त किए। राष्ट्रपति मुर्मु ने 2 कीर्ति चक्र, 3 वीर चक्र और 1 शौर्य चक्र मरणोपरांत प्रदान किए।
इन वीर सपूतों ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। सम्मान ग्रहण करते समय परिजनों की आंखों में गर्व और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे सभागार ने खड़े होकर शहीदों के अदम्य साहस को श्रद्धांजलि दी।
विशेष बलों और सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को भी मिला गौरव
वीरता पुरस्कार 2026 पाने वालों में भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स, राष्ट्रीय राइफल्स, असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी एवं जवान शामिल रहे।
इन बहादुर कर्मियों ने आतंकवाद-रोधी अभियानों, दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों और उच्च जोखिम वाले ऑपरेशनों के दौरान असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया। कई जवानों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने साथियों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए साहस और समर्पण की मिसाल पेश की।
रक्षा अलंकरण समारोह 2026 एक बार फिर यह याद दिलाने वाला अवसर बना कि देश की सुरक्षा के पीछे हजारों सैनिकों और सुरक्षा कर्मियों का त्याग, परिश्रम और अदम्य साहस छिपा होता है, जिनकी बदौलत देश सुरक्षित और मजबूत बना रहता है।










