नई दिल्ली/12 जून 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए राहत भरी खबर आई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG Exam Time में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अभ्यर्थियों को 15 मिनट अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। इसके साथ ही रफ वर्क के लिए उपलब्ध पेजों की संख्या भी बढ़ा दी गई है, जिससे परीक्षा के दौरान छात्रों को अधिक सुविधा मिलेगी।
एनटीए ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि नीट-यूजी 2026 के लिए परीक्षा अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। अब परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। एजेंसी का कहना है कि यह अतिरिक्त समय परीक्षा शुरू होने और समाप्ति के दौरान होने वाली औपचारिकताओं को ध्यान में रखते हुए दिया गया है, ताकि छात्रों को प्रश्न हल करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सके।
रफ वर्क के लिए अब मिलेंगे चार पेज
केवल NEET UG Exam Time ही नहीं बढ़ाया गया है, बल्कि प्रश्न-पत्र बुकलेट में रफ कार्य की व्यवस्था भी बेहतर की गई है। पहले जहां अभ्यर्थियों को केवल दो रफ पेज दिए जाते थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़ाकर चार कर दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत दो पेज प्रश्न-पत्र की शुरुआत में और दो पेज अंत में उपलब्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों को गणना और अन्य रफ कार्य करने में आसानी होगी। परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव विशेष रूप से उन छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा जो लंबे समय तक जटिल प्रश्न हल करते हैं।
बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों को भी राहत
एनटीए ने बाएं हाथ से लिखने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा का भी ध्यान रखा है। पहले रफ वर्क के पेज केवल बुकलेट के अंतिम हिस्से में दिए जाते थे, जिससे कुछ विद्यार्थियों को असुविधा होती थी। अब बुकलेट के आगे और पीछे दोनों तरफ रफ वर्क की जगह उपलब्ध होगी।
एजेंसी के अनुसार, छोटे लेकिन व्यावहारिक बदलाव परीक्षा के दौरान छात्रों के अनुभव को बेहतर बना सकते हैं। इसी सोच के साथ यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
21 जून को दोबारा होगी परीक्षा
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है।
अब परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। ऐसे में NEET UG Exam Time में किया गया यह बदलाव लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है। छात्रों और अभिभावकों का मानना है कि अतिरिक्त समय और बेहतर रफ वर्क व्यवस्था परीक्षा के दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद करेगी।











