आगरा|14 जून 2026: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को आगरा के शमसाबाद में महाराणा प्रताप की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए कहा कि आज भी उनका जीवन देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार भी उन्हीं आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य कर रही है।
शमसाबाद के प्रवेश द्वार पर स्थापित प्रतिमा के अनावरण के बाद रक्षा मंत्री एपी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित किसान-जवान स्वाभिमान रैली में पहुंचे। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने सबसे पहले उपस्थित जनता का अभिवादन किया और फिर महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के लिए कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना किया।
महाराणा प्रताप के संघर्ष को किया याद
राजनाथ सिंह ने कहा कि मुगल सम्राट अकबर ने कई बार महाराणा प्रताप से समझौते का प्रयास किया था। यदि वे चाहते तो राजसी जीवन का सुख भोग सकते थे, लेकिन उन्होंने स्वतंत्रता और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। उन्होंने महलों का वैभव छोड़कर पहाड़ों और जंगलों में कठिन जीवन बिताया, लेकिन अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटे।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की सेना में विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग शामिल थे। यही कारण है कि उनकी विरासत केवल किसी एक वर्ग की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर है। भाजपा सरकार भी “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है और समाज को बांटने वाली राजनीति से दूर रहती है।
भारत की बढ़ी वैश्विक प्रतिष्ठा
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा और प्रभाव दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज दुनिया भारत की बातों को गंभीरता से सुनती है और वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका पहले से अधिक मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में सरकार ने स्पष्ट और सख्त नीति अपनाई है। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को आवश्यक निर्णय लेने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है और देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नक्सलवाद और अनुच्छेद 370 पर भी बोले
राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय देश के कई हिस्से नक्सल हिंसा से प्रभावित थे, लेकिन लगातार प्रयासों और सुरक्षा अभियानों के कारण स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने नक्सलवाद को निर्णायक रूप से कमजोर करने का काम किया है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने अपने वादों को पूरा करने का काम किया है। उनके अनुसार, जो निर्णय लंबे समय तक केवल राजनीतिक बहस का विषय बने रहे, उन्हें केंद्र सरकार ने लागू करके दिखाया।
आलू किसानों की समस्या उठी, मुख्यमंत्री से बात करने का भरोसा
सभा के दौरान कुछ लोगों ने आलू के गिरते दामों का मुद्दा भी उठाया। इस पर रक्षा मंत्री ने कहा कि वह इस विषय को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखेंगे और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और जवानों दोनों के सम्मान और हितों के लिए प्रतिबद्ध है। किसान-जवान स्वाभिमान रैली का उद्देश्य भी इन्हीं वर्गों के योगदान को सम्मान देना है।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।









