19 जून 2026|लखनऊ: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को अयोध्या में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है और अगले 15 दिनों में पूरे मामले का सच सामने आ जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे से संबंधित जो जानकारियां सामने आई हैं, उनके आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और यदि किसी भी स्तर पर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, “हमने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि 15 दिन के भीतर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। किसी के पास यदि कोई दस्तावेजी या ठोस प्रमाण हैं तो वह SIT को उपलब्ध कराए।”
एक सप्ताह में प्रारंभिक रिपोर्ट आने की उम्मीद
मुख्यमंत्री के अनुसार SIT ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और सरकार को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने की संभावना है। इसके बाद विस्तृत जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक किसी प्रकार की अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान रामभक्तों की भावनाओं को आहत कर सकते हैं और जांच को प्रभावित करने का प्रयास भी माना जा सकता है।
विपक्ष पर भी बरसे मुख्यमंत्री
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल वर्षों तक भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहे और राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी करते रहे, वे आज रामभक्तों को उपदेश देने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक शक्तियां अयोध्या की बढ़ती वैश्विक पहचान से असहज हैं और मंदिर को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में रामभक्तों और कारसेवकों पर कार्रवाई करने वाले लोग आज नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं।
रामभक्तों से धैर्य और मर्यादा बनाए रखने की अपील
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में रामभक्तों से संयम बनाए रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने समाज को मर्यादा और धैर्य का संदेश दिया है, इसलिए सभी को उसी मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि के लिए हमारे पूर्वजों ने लगभग 500 वर्षों तक संघर्ष किया। ऐसे में जांच पूरी होने तक कुछ दिन और धैर्य रखना चाहिए। यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
378 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री शुक्रवार को अयोध्या में 378 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 126 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित कई विकास कार्यों की सौगात दी। साथ ही वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के सम्मान को राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और उदा देवी जैसी महान हस्तियों के नाम पर कई योजनाएं और अभियान शुरू किए हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में पीएसी की तीन नई बटालियनों का गठन वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना उदा देवी के नाम पर किया गया है, जिनमें केवल बेटियों की भर्ती की जाएगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अब सबकी नजर SIT जांच पर टिकी हुई है। अगले दो सप्ताह में आने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है।








