लखनऊ|22 जून 2026: राजधानी में हुए भीषण लखनऊ अग्निकांड ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गहरे स्तर पर झकझोर दिया है। हादसे की सूचना मिलते ही उन्होंने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ लौट आए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने 23 जून को प्रस्तावित अपने सभी आधिकारिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और संकेत दिए हैं कि जांच में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
मुख्यमंत्री का यह फैसला बताता है कि सरकार इस हादसे को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि जवाबदेही के दृष्टिकोण से भी देख रही है। प्रशासनिक स्तर पर पूरे घटनाक्रम की गहन समीक्षा शुरू कर दी गई है।
लखनऊ अग्निकांड की सूचना मिलते ही लौटे मुख्यमंत्री
सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड की जानकारी मिली। मंच से ही उन्होंने घटना पर दुख व्यक्त किया और कार्यक्रम बीच में छोड़कर राजधानी लौटने का निर्णय लिया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में हुई दुर्घटना में कई बच्चे आग की चपेट में आए हैं और कुछ की दुखद मृत्यु की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है और उन्हें स्वयं भी तत्काल लखनऊ जाना पड़ रहा है।
हाथरस और आगरा के कार्यक्रम किए स्थगित
लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री ने अगले दिन के सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। उन्हें मंगलवार को हाथरस में 548 करोड़ रुपये की लागत वाली 143 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करना था। इसके अलावा आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक भी प्रस्तावित थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इन सभी कार्यक्रमों को फिलहाल रद्द कर दिया गया है ताकि सरकार का पूरा ध्यान राहत, उपचार और जांच प्रक्रिया पर केंद्रित रखा जा सके।
डीजीपी और गृह विभाग को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हादसे की तह तक जाकर जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति या संस्था जिम्मेदार पाई जाएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों और युवाओं को खोया है, उनके दुख की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
केजीएमयू पहुंचकर घायलों से की मुलाकात
लखनऊ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पहुंचे और राहत कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) जाकर घायल छात्रों और उनके परिजनों से मुलाकात की।
उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि सभी घायलों का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता के लिए भटकना न पड़े।
सोशल मीडिया पर भी जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
राजधानी में हुए इस हादसे के बाद प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इतनी बड़ी त्रासदी के पीछे किस स्तर की चूक जिम्मेदार थी और किन लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।









