लखनऊ/30 जून 2026: उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार यूपी में मानसून ने दस्तक दे दी है। मंगलवार को प्रदेश के तराई और कई अन्य हिस्सों में हुई तेज बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई। बारिश के बाद कई जिलों में तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा और अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश की संभावना है।
यूपी में मानसून की दस्तक से मौसम हुआ सुहाना, किसानों को भी मिली राहत
मंगलवार को हुई मानसूनी बारिश ने सिर्फ लोगों को गर्मी से राहत ही नहीं दी, बल्कि खेती-किसानी के लिए भी उम्मीदों के नए दरवाजे खोल दिए हैं। खरीफ फसलों की बुआई का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश बेहद अहम मानी जा रही है। लगातार पड़ रही गर्म हवाओं और सूखे जैसे हालात के बीच आई इस बारिश ने खेतों में नमी बढ़ाई है, जिससे धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की संभावना है।
बारिश के बाद सुबह और शाम के समय मौसम भी काफी सुहावना हो गया है। कई शहरों में लोगों ने लंबे समय बाद गर्मी से राहत महसूस की।
बरेली में सबसे ज्यादा बारिश, ललितपुर भी रहा आगे
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को बरेली में सबसे अधिक 157 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं ललितपुर में 106 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा लखीमपुर खीरी, अयोध्या, गोंडा और अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में अच्छी बारिश हुई।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो अगले 48 से 72 घंटों के भीतर पूरे उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हो जाएंगी।
जून में सामान्य से 54 फीसदी कम रही बारिश
हालांकि मानसून की शुरुआत राहतभरी रही, लेकिन जून महीने के कुल आंकड़े अब भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक जून के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य से 54 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 47 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई।
कम बारिश की वजह से जून के अधिकांश दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बनने लगे थे और खेती पर भी इसका असर दिखाई देने लगा था।
28 जिलों में 20 से 59 फीसदी तक कम हुई वर्षा
प्रदेश के 28 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इनमें अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, औरैया, बदायूं, बागपत, बरेली, इटावा, हमीरपुर, हापुड़, कासगंज, ललितपुर, मेरठ, मुरादाबाद और रामपुर शामिल हैं।
इन 35 जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की कमी दर्ज हुई
सबसे अधिक चिंता 35 जिलों को लेकर रही, जहां सामान्य से 60 से 99 प्रतिशत तक कम वर्षा रिकॉर्ड की गई। इनमें अंबेडकरनगर, अमेठी, बांदा, बाराबंकी, भदोही, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखनऊ, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव, वाराणसी, अलीगढ़, अमरोहा, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, जालौन, झांसी, महोबा, मैनपुरी, पीलीभीत, सहारनपुर, शाहजहांपुर और शामली शामिल हैं।
अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो से तीन दिनों में यूपी में मानसून और अधिक सक्रिय होगा। इसके चलते प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।










