बरेली/30 जून 2026: बरेली दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर बड़ा संदेश दिया। जीआईसी ऑडिटोरियम, जिसे अब पंडित राधेश्याम कथावाचक भवन के नाम से जाना जाएगा, वहां उन्होंने पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज या व्यक्ति अपनी विरासत का अपमान करता है, उसका नामोनिशान समय के साथ मिट जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत पंडित राधेश्याम कथावाचक के परिवार के सम्मान के साथ हुई। उनकी पौत्री शारदा भार्गव सहित अन्य स्वजनों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें पंडित राधेश्याम की प्रतिमा भेंट की। पूरा सभागार सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर दिखाई दिया।
विरासत से जुड़ाव ही समाज की असली ताकत: मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की पहचान उसकी सनातन परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से है। यदि कोई अपनी जड़ों से कट जाता है तो उसका भविष्य भी कमजोर पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि विरासत केवल स्मृतियों का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन के बिना भारत की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
पंडित राधेश्याम कथावाचक के योगदान को बताया अद्वितीय
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पंडित राधेश्याम कथावाचक के साहित्यिक और धार्मिक योगदान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मध्यकाल में महर्षि वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीराम भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया, उसी परंपरा को आधुनिक काल में पंडित राधेश्याम कथावाचक ने आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि पंडित राधेश्याम ने अत्यंत सरल और आम बोलचाल की भाषा में ‘राधेश्याम रामायण’ की रचना की। यही कारण है कि यह कृति आज भी देश के अनेक घरों में श्रद्धा के साथ पढ़ी और गाई जाती है।
मुख्यमंत्री ने गोस्वामी तुलसीदास का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने किसी शासक का दरबारी बनने के बजाय प्रभु श्रीराम की भक्ति का मार्ग चुना था। उसी प्रकार पंडित राधेश्याम ने भी अपने लेखन के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया।
पंडित राधेश्याम के आवास पर बनेगा संग्रहालय
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से ही क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए कि पंडित राधेश्याम कथावाचक के आवास पर उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए एक भव्य संग्रहालय विकसित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार हरसंभव वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएगी ताकि आने वाली पीढ़ियां पंडित राधेश्याम के जीवन, साहित्य और योगदान से परिचित हो सकें।
शारदा भार्गव हुईं भावुक, मुख्यमंत्री की सराहना की
इस अवसर पर पंडित राधेश्याम कथावाचक की पौत्री शारदा भार्गव भावुक नजर आईं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बरेली आगमन से केवल उनका परिवार ही नहीं, बल्कि पंडित राधेश्याम के सभी अनुयायी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक राज्य को योगी आदित्यनाथ जैसे नेतृत्व की आवश्यकता है और ईश्वर से प्रार्थना की कि उनका सार्वजनिक जीवन लंबे समय तक समाज की सेवा करता रहे।
सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरेली में निर्मित स्मार्ट सिटी भवन भी पंडित राधेश्याम कथावाचक की स्मृतियों के प्रति राज्य सरकार की कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि पंडित राधेश्याम कथावाचक और हनुमान जी महाराज की कृपा सभी पर बनी रहे।










