नई दिल्ली|04 जुलाई 2026: भारत के महान आध्यात्मिक चिंतक और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद पुण्यतिथि पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण, आत्मविश्वास, संस्कृति और मानव सेवा के मार्ग पर देश को प्रेरित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र-चेतना को वैश्विक पहचान दिलाने में अतुलनीय योगदान दिया। उन्होंने लिखा कि स्वामी विवेकानंद की बौद्धिक क्षमता और प्रेरणादायी विचार आज भी करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनके आध्यात्मिक संदेश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में देश को नई ऊर्जा और नई दिशा देते रहेंगे।
स्वामी विवेकानंद पुण्यतिथि पर नेताओं ने किया नमन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन विचारधारा को विश्व पटल पर नई प्रतिष्ठा दिलाई। उनके अनुसार स्वामी विवेकानंद ने देशभक्ति, समाज सेवा, नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि सशक्त, संस्कारित और आत्मविश्वासी नागरिक ही किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और स्वामी विवेकानंद के विचार विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निरंतर प्रेरणा देते रहेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें अपनी प्रेरणा बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बचपन से ही स्वामी विवेकानंद के विचार उन्हें ऊर्जा देते रहे हैं। शिवराज सिंह ने स्वामी जी के उस प्रसिद्ध संदेश का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति के भीतर अनंत शक्ति और आत्मविश्वास का भाव जगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन-दर्शन आज भी युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने में निभाई ऐतिहासिक भूमिका
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और सनातन आध्यात्मिक दर्शन को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया। उन्होंने अपने ओजस्वी व्यक्तित्व और राष्ट्रवादी चिंतन के माध्यम से करोड़ों युवाओं में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और मानव सेवा की भावना जगाई। नड्डा ने कहा कि उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम और सेवा की भावना का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने अपने विचारों और व्यक्तित्व के बल पर भारतीय आध्यात्मिक विरासत को पूरी दुनिया में नई पहचान दिलाई।
1893 के शिकागो भाषण से मिली थी वैश्विक पहचान
स्वामी विवेकानंद का मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। वे रामकृष्ण मिशन के संस्थापक थे और आधुनिक भारत के सबसे प्रभावशाली आध्यात्मिक नेताओं में गिने जाते हैं। वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद (Parliament of Religions) में दिए गए उनके ऐतिहासिक संबोधन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और मानवता की सेवा का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया।
आज भी स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं के लिए प्रेरणा का आधार माने जाते हैं। उनका प्रसिद्ध संदेश—“उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”—देश के करोड़ों युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है।











