लखनऊ, 05 जुलाई। उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में योगी सरकार एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। 12 जुलाई 2026 (रविवार) को आयोजित होने वाले पौधरोपण महाभियान 2026 के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं अभियान की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। सोमवार से वे जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद शुरू करेंगे, जबकि संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे। वन मंत्री भी विभिन्न विभागों के मंत्रियों के साथ समन्वय बैठकें करेंगे ताकि अभियान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पूरा किया जा सके।
जनसहभागिता से बनेगा पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान
राज्य सरकार इस बार भी पौधरोपण महाभियान 2026 को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव बनाने पर जोर दे रही है। अभियान में केंद्र और प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के साथ जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं, स्कूल-कॉलेज, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक एवं महिला मंगल दल, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, इको क्लब, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), व्यापार मंडल और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए वृक्षारोपण को सामाजिक अभियान का रूप देना है।
वन विभाग लगाएगा सबसे अधिक 15.50 करोड़ पौधे
अभियान के लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं। इनमें वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग सबसे अधिक 15.50 करोड़ पौधे लगाएगा।
इसके अलावा—
- ग्राम्य विकास विभाग — 10 करोड़ पौधे
- कृषि विभाग — 3.25 करोड़ पौधे
- उद्यान विभाग — 1.50 करोड़ पौधे
- पंचायती राज विभाग — 1.22 करोड़ पौधे
जिला वृक्षारोपण समितियां भी लगातार बैठकें कर स्थानीय स्तर पर तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं।
समरस वन से ऊर्जा वन तक, कई नई थीम पर विकसित होंगे विशेष वन
इस वर्ष पौधरोपण महाभियान 2026 के दौरान कई नई थीम आधारित वनों की शुरुआत की जाएगी। इनमें समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन प्रमुख हैं।
इसके साथ ही महर्षि चरक औषधि वन, जिसकी शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर की गई थी, अभियान का हिस्सा रहेगा। इसके अलावा मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा और आम भंडारा जैसे विशेष कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
मिशन छाया के अंतर्गत सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक संख्या में छायादार पौधे लगाए जाएंगे ताकि भविष्य में गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।
वन विभाग की नर्सरियों में तैयार हैं 52.44 करोड़ पौधे
महाभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग ने पौधों की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर ली है। विभाग की लगभग 2,000 नर्सरियों में इस वर्ष 52.44 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। अब इन्हें विभिन्न विभागों और जिलों को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि अभियान के दौरान पौधरोपण में किसी प्रकार की कमी न रहे।
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जाएंगे 5.50 लाख पौधे
इस वर्ष 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर भी बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। वन विभाग लगभग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधे लगाएगा।
प्रत्येक किलोमीटर पर हरिशंकरी पौधरोपण के साथ पीपल, बरगद, पाकड़, नीम, गूलर, महुआ, आम, अर्जुन, अमलतास, कचनार, गुलमोहर, जकरांडा और चिलबिल जैसी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। पौधों की सुरक्षा के लिए तारबाड़ और सिंचाई के लिए ड्रिप इरिगेशन की व्यवस्था भी की जाएगी।
15 अगस्त से 5 सितंबर तक भी जारी रहेंगे विशेष अभियान
राज्य सरकार ने वृक्षारोपण को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखा है। इसके तहत 15 अगस्त को ‘वंदे मातरम् वाटिका’, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर ‘भाई-बहन पौधरोपण अभियान’ तथा 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने उत्सव के रूप में मनाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पौधरोपण महाभियान 2026 को व्यापक जनसहभागिता के साथ उत्सव के रूप में आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही सफल हो सकता है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी के अनुसार, सभी विभागों, मंडलों और जिलों के लक्ष्य पहले ही निर्धारित किए जा चुके हैं। विभागीय तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इस बार भी उत्तर प्रदेश एक दिन में सर्वाधिक पौधरोपण का नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।









