लखनऊ/07 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यूपी पुलिस ने राज्यव्यापी Operation Cy-Vajra की शुरुआत कर दी है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने मंगलवार को इस विशेष अभियान का शुभारंभ किया। 14 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान साइबर अपराधियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को उनकी धनराशि वापस दिलाने और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर रहेगा।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और लंबित शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
2.94 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबर और 1.81 लाख डिवाइस कराए गए ब्लॉक
बैठक में डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2026 के बीच साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 2.94 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबर और 1.81 लाख मोबाइल उपकरणों को ब्लॉक कराया गया। यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
उन्होंने बताया कि इसी अवधि में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में करीब 530 करोड़ रुपये की राशि अपराधियों तक पहुंचने से पहले ही रोक दी गई, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सका।
50 हजार रुपये तक की राशि बिना FIR भी हो सकती है वापस
डीजीपी ने बताया कि साइबर अपराध पीड़ितों को जल्द राहत देने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा विकसित Money Restoration Module (MRM) और Grievance Redressal Module (GRM) पोर्टल प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन पोर्टलों का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 50 हजार रुपये तक की साइबर ठगी की राशि बिना एफआईआर दर्ज किए भी पीड़ित को वापस कराई जा सकती है, जबकि इससे अधिक राशि की बहाली के लिए एफआईआर दर्ज होना आवश्यक है।
लंबित शिकायतों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि तकनीकी या अन्य कारणों से लंबित साइबर शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कर उन्हें ऑनलाइन प्रणाली में अपलोड किया जाए। इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज होगी और पीड़ितों को समय पर राहत मिल सकेगी।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि साइबर अपराध से जुड़ी सभी सुविधाओं, ऑनलाइन पोर्टलों और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
साइबर जागरूकता और पुलिस प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
Operation Cy-Vajra के तहत कार्रवाई के साथ-साथ साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। डीजीपी ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के नियमित तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया, ताकि बदलते साइबर अपराध के तरीकों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।
समीक्षा बैठक में डीजी साइबर क्राइम बी.के. सिंह सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।










