नई दिल्ली/08 जुलाई 2026: भारत के कई हिस्सों में मानसून पूरी रफ्तार से सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और दैनिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी हैं। दिल्ली-NCR में तेज बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों के लिए अगले 24 घंटे का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 9 जुलाई तक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और कर्नाटक के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
दिल्ली-NCR में तेज बारिश के साथ कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 9 जुलाई को मध्य भारत और उत्तर भारत के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिमी मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश दर्ज होने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा गुजरात, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा और तटीय कर्नाटक में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
दिल्ली-NCR के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भी रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे में कई राज्यों में हुई मूसलाधार बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जहां कई स्थानों पर 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन इलाकों में तेज हवाओं और बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आईं।
मराठवाड़ा, सौराष्ट्र एवं कच्छ, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, मेघालय, त्रिपुरा और तटीय कर्नाटक में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
बारिश से राहत भी, लेकिन बढ़ीं लोगों की मुश्किलें
लगातार हो रही बारिश ने तापमान में गिरावट लाकर लोगों को उमस और गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन कई शहरों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जगह-जगह जलभराव के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
बारिश के कारण कई सड़कों पर गड्ढे पानी में छिप जाने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। कुछ स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने की खबरें हैं, जबकि दफ्तर और स्कूल जाने वाले लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।
9 जुलाई के बाद कम हो सकती है बारिश की रफ्तार
मौसम विभाग का कहना है कि 9 जुलाई के बाद मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है। हालांकि उत्तर-पूर्व और पश्चिमी तटीय राज्यों के कुछ क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।











