लखनऊ, 13 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान गाजियाबाद, मेरठ और नोएडा से जुड़े एक बिल्डर के खिलाफ आई शिकायत ने मुख्यमंत्री का विशेष ध्यान खींचा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के निर्देश दिए।
फरियाद लेकर पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संबंधित बिल्डर ने कथित तौर पर एक ही फ्लैट की रजिस्ट्री कई अलग-अलग लोगों के नाम कर दी, जिससे खरीदारों के सामने गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो बिल्डर के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों के साथ धोखाधड़ी या संपत्ति से जुड़े किसी भी मामले में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़नी चाहिए।
अवैध कब्जे और धमकी के मामलों पर भी सख्त रुख
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष अवैध कब्जे और धमकी से जुड़ी कई शिकायतें भी आईं। इन मामलों पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच की जाए और यदि कोई व्यक्ति अवैध कब्जा करने या शिकायतकर्ताओं को डराने-धमकाने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में बिना किसी अनावश्यक देरी के कार्रवाई करें और पीड़ितों को सुरक्षा के साथ न्याय उपलब्ध कराया जाए।
विवेचना में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि भूमि विवाद, अवैध कब्जे और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की विवेचना में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जांच में अनावश्यक विलंब से पीड़ितों की परेशानियां बढ़ती हैं, इसलिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम करें और तय समय के भीतर कार्रवाई पूरी करें।
जनता दर्शन के दौरान प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों और शासन के अधिकारियों को भेजते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी प्रगति की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि हर शिकायत का समाधान पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से होना चाहिए, ताकि आम नागरिकों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।









