लखनऊ/13 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना को नई रफ्तार देने की दिशा में सोमवार को कई बड़े ऐलान किए गए। उत्तर प्रदेश सड़क परियोजनाएं के तहत केंद्र सरकार ने 50 से 60 हजार करोड़ रुपये की नई सड़क योजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले दो वर्षों में प्रदेश में करीब पांच लाख करोड़ रुपये के सड़क विकास कार्यों पर काम किया जाएगा।
लखनऊ में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे और शहरी कनेक्टिविटी को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
‘जो कहा, वह करके दिखाया’, गडकरी ने गिनाई अपनी कार्यशैली
समारोह को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि बेहतर सड़कें किसी भी राज्य और देश की आर्थिक प्रगति की आधारशिला होती हैं। उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की समृद्धि में मजबूत सड़क नेटवर्क की बड़ी भूमिका है।
गडकरी ने कहा कि जब वह पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश आए थे, तब उन्होंने कई परियोजनाओं की घोषणा की थी। उस समय लोगों को इन योजनाओं पर संदेह था, लेकिन उन्होंने अपने वादों को पूरा किया।
उन्होंने कहा, “राजनीति के 45 वर्षों के जीवन में मैंने कभी झूठा आश्वासन नहीं दिया। जो कहता हूं, उसे पूरा करके दिखाता हूं। उत्तर प्रदेश जितना आगे बढ़ेगा, भारत उतना ही मजबूत होगा।”
राजनाथ सिंह ने रखी 23 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर की मांग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजधानी में लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव का उल्लेख करते हुए लखनऊ एयरपोर्ट से शहीद पथ होते हुए आउटर रिंग रोड तक लगभग 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि यदि इस एलिवेटेड रोड के ऊपर मेट्रो भी संचालित की जाए तो राजधानी की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
दिसंबर से पहले बनेगी DPR, होगा भूमिपूजन
राजनाथ सिंह की मांग पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तत्काल सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) इसी वर्ष दिसंबर तक तैयार कर ली जाएगी और दिसंबर से पहले भूमिपूजन कराने का प्रयास किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को छह लेन में विकसित करने तथा किसान पथ के किनारे सर्विस रोड बनाने की भी घोषणा की।
सीएम योगी बोले- उत्तर प्रदेश अब ग्रोथ इंजन बन चुका है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश की पहचान पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने कहा कि कभी बीमारू राज्य के रूप में पहचाने जाने वाला प्रदेश आज आधुनिक आधारभूत ढांचे और सुशासन के कारण देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले प्रदेश पहचान के संकट से गुजर रहा था, जबकि आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में गिना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य अब भारत की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर उभर रहा है।
हर बड़े शहर को मिलेगा बाइपास, जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ेंगे
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के सड़क विकास को लेकर कई नई योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इनके तहत—
- पांच लाख से अधिक आबादी वाले प्रत्येक शहर में बाइपास विकसित किए जाएंगे।
- सभी जिला मुख्यालयों को चरणबद्ध तरीके से फोरलेन सड़कों से जोड़ा जाएगा।
- पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तर-दक्षिण सड़क संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार तेज गति से किया जाएगा।
बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश सड़क परियोजनाएं केवल यातायात को आसान बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनसे औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बेहतर सड़क संपर्क से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और विकास की रफ्तार को नई दिशा मिलेगी।









