लखनऊ/14 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लंबे इंतजार का आखिरकार अंत हो गया। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे मंगलवार, 14 जुलाई से आम जनता के लिए खोल दिया गया है। सोमवार शाम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इसका उद्घाटन किया। इसके साथ ही प्रदेश को करीब 4,850 करोड़ रुपये की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात भी मिली।
अब लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और तेज होगी। जहां पहले ट्रैफिक के कारण एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग जाता था, वहीं अब यह दूरी करीब 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी। उन्नाव से लखनऊ का सफर भी लगभग 22 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है।
4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ एक्सप्रेसवे
करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण सड़क संपर्क परियोजनाओं में माना जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे केवल दो बड़े शहरों को जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव होता है। उन्होंने कहा कि तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी से व्यापार बढ़ता है, उद्योगों को बढ़ावा मिलता है और रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
4850 करोड़ की तीन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण और शिलान्यास
सरोजनी नगर स्थित कैप्टन मनोज पांडेय सैनिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सड़क अवसंरचना से जुड़ी तीन बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
इनमें हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के 32 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण, इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण और अन्य सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक दबाव कम करना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है।
शहीद पथ पर बनेगा मल्टी-लेयर कॉरिडोर, ऊपर दौड़ेगी मेट्रो
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि शहीद पथ पर एक आधुनिक मल्टी-लेयर कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत एलिवेटेड रोड के ऊपर मेट्रो संचालित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इसका प्रस्ताव पहले ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया था और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे मंजूरी दे दी है।
इसके अलावा लखनऊ-सीतापुर मार्ग को छह लेन में विकसित करने और किसान पथ के किनारे सर्विस रोड बनाने की भी योजना है।
लखनऊ के आसपास बढ़ेंगे उद्योग और रोजगार
नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले महीनों में लखनऊ के आसपास कई नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। इससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि शहीद पथ पर लगभग 23 किलोमीटर लंबे विश्वस्तरीय मल्टी-लेयर कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें फ्लाईओवर, मेट्रो और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) को एकीकृत किया जाएगा।
दो साल में पांच लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर होगा काम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश में करीब पांच लाख करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा लगभग 1.23 लाख करोड़ रुपये की लागत से आठ ग्रीन एक्सप्रेसवे विकसित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश का सड़क नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगा।
हरदोई-लखनऊ फोरलेन से ट्रैफिक होगा आसान
करीब 541 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे हरदोई-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन बनने से इस मार्ग पर जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी। इससे हरदोई, लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन पहले से अधिक सुगम होगा।
इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर बनेगा 109 करोड़ का फ्लाईओवर
लखनऊ के व्यस्त इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे (एनएच-24ए) पर लगभग एक किलोमीटर लंबे फोरलेन फ्लाईओवर का शिलान्यास भी किया गया। करीब 109 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, लॉ कॉलेज समेत लगभग पांच लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
फ्लाईओवर बनने के बाद सीतापुर रोड, अयोध्या रोड, जानकीपुरम, अलीगंज, कुर्सी रोड, विकास नगर, टेढ़ी पुलिया और खुर्रम नगर जैसे प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
हर जिले को फोरलेन सड़क से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने का अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले को फोरलेन सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। साथ ही पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए बाईपास विकसित किए जाएंगे, जिससे शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान 29 अप्रैल 2026 को गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन और 28 मार्च 2026 को जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लोकार्पण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश का प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर हब बन रहा है।
भारत-नेपाल कनेक्टिविटी को भी मिलेगा फायदा
नितिन गडकरी ने बताया कि करीब 1,750 करोड़ रुपये की लागत से आनंदनगर-महाराजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का निर्माण भी किया जाएगा। इससे श्रावस्ती आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए नेपाल के लुंबिनी तक पहुंचना आसान होगा और भारत-नेपाल के बीच सड़क संपर्क भी मजबूत होगा।








