नई दिल्ली/24 जुलाई 2026। देश के सबसे बड़े निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर अदाणी समूह ने शुक्रवार को उन अटकलों पर विराम लगा दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि कंपनी अपनी हवाई सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि फिलहाल वाणिज्यिक एयरलाइन शुरू करने की उसकी कोई योजना नहीं है और इस संबंध में चल रही खबरें तथ्यात्मक नहीं हैं।
पिछले कुछ दिनों से मीडिया रिपोर्टों में यह चर्चा तेज थी कि समूह भारतीय विमानन क्षेत्र में एयरलाइन ऑपरेटर के रूप में भी प्रवेश कर सकता है। हालांकि, कंपनी के ताजा बयान के बाद इन अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।
अटकलें आखिर क्यों शुरू हुईं?
दरअसल, हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अदाणी समूह ने केंद्र सरकार से एक पुराने निजीकरण संबंधी नियम में बदलाव का अनुरोध किया है।
यह नियम दिल्ली और मुंबई जैसे निजीकरण वाले हवाई अड्डों के संचालकों को किसी अनुसूचित एयरलाइन में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने से रोकता है। माना जा रहा था कि यदि इस नियम में संशोधन होता है तो एयरलाइन कारोबार में प्रवेश की एक बड़ी नियामकीय बाधा समाप्त हो सकती है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि एयरलाइन शुरू करने को लेकर समूह ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
एयरलाइन कंपनियों ने जताई थी आपत्ति
इस संभावित बदलाव का देश की मौजूदा विमानन कंपनियों ने विरोध किया था। इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कहा था कि यदि किसी एयरपोर्ट संचालक को एयरलाइन का स्वामित्व भी मिल जाता है, तो इससे हितों का टकराव (Conflict of Interest) पैदा हो सकता है।
उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है और अंततः यात्रियों के हितों पर भी असर पड़ सकता है।
सरकार ने क्या कहा था?
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यदि भविष्य में नियमों में कोई बदलाव किया जाता है तो उसके साथ पर्याप्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत एयरपोर्ट संचालन और एयरलाइन कारोबार को अलग-अलग संचालित करने, दोनों के बीच व्यावसायिक रूप से संवेदनशील जानकारी साझा करने पर रोक लगाने और स्वतंत्र प्रबंधन सुनिश्चित करने जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।
विमानन क्षेत्र में पहले से मजबूत मौजूदगी
भले ही अदाणी समूह हवाई सेवा शुरू करने से इनकार कर चुका हो, लेकिन विमानन क्षेत्र में उसकी मौजूदगी पहले से काफी मजबूत है।
वर्तमान में समूह भारत का सबसे बड़ा निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर है और मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित देश के आठ हवाई अड्डों का संचालन करता है। इसके अलावा नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास का कार्य भी समूह के पास है।
बीते कुछ वर्षों में अदाणी समूह ने विमानन क्षेत्र से जुड़े कई अन्य कारोबारों में भी विस्तार किया है। इनमें—
- एयरपोर्ट संचालन
- ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं
- पायलट प्रशिक्षण
- विमान रखरखाव एवं मरम्मत (MRO)
- विमान निर्माण से जुड़े संभावित अंतरराष्ट्रीय सहयोग
जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
फिलहाल एयरलाइन लॉन्च की कोई तैयारी नहीं
कंपनी के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि अदाणी समूह हवाई सेवा शुरू करने की फिलहाल कोई योजना नहीं बना रहा है। हालांकि, विमानन क्षेत्र में समूह के बढ़ते निवेश और एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में उसकी मजबूत भूमिका को देखते हुए भविष्य में इस सेक्टर को लेकर उसकी रणनीति पर उद्योग जगत की नजर बनी रहेगी।













