नई दिल्ली (25 जुलाई 2026)। कई दिनों से जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। सरकार और संगठन के बीच तीसरे दौर की बातचीत सफल रहने के बाद CJP ने प्रदर्शन तत्काल प्रभाव से खत्म करने की घोषणा कर दी। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल रहे। संगठन का दावा है कि सरकार ने उसकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP ने क्या कहा?
बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि आंदोलन की तीन प्रमुख मांगें थीं। पहली, तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। दूसरी, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दिल्ली सहित देशभर में दर्ज सभी कानूनी मामलों और एफआईआर को वापस लेना। तीसरी, भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ किसी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई या नया मामला दर्ज न किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। इसके साथ ही संगठन ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलावों से जुड़ा पांच सूत्री मांग-पत्र भी सरकार को सौंपा है। सौरभ दास के अनुसार, इस एजेंडे पर आगे की प्रगति की समीक्षा के लिए लगभग चार सप्ताह बाद सरकार के साथ फिर बैठक होगी।
शिक्षा और परीक्षा सुधारों पर भी होगी आगे चर्चा
CJP का कहना है कि आंदोलन केवल तात्कालिक मांगों तक सीमित नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में दीर्घकालिक सुधार भी उसकी प्राथमिकता है। संगठन ने उम्मीद जताई कि आगामी बैठक में परीक्षा प्रणाली और शैक्षिक सुधारों पर ठोस निर्णय लिए जाएंगे। इसी भरोसे के साथ फिलहाल आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया है।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि CJP की ओर से एक लिखित मसौदा प्रस्तुत किया गया, जिसमें आंदोलन से जुड़े मामलों और अन्य मांगों का उल्लेख था।
नड्डा ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन से जुड़े मामलों में नियमों के अनुसार उचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुआवजे से संबंधित मामलों पर भी कानून के दायरे में रहते हुए अधिकतम संभव सहायता देने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा, संगठन द्वारा सौंपे गए पांच सूत्री सुधार प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बदला माहौल
इस पूरे घटनाक्रम से पहले शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद जंतर-मंतर पर मौजूद CJP समर्थकों और छात्रों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रदर्शन स्थल पर छात्रों ने नारे लगाए, एक-दूसरे का स्वागत किया और आंदोलन की इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
संगठन ने इसे आंदोलन की पहली बड़ी जीत बताया
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन की पहली बड़ी सफलता है। उन्होंने दावा किया कि जनता के समर्थन और शांतिपूर्ण आंदोलन के कारण सरकार को बातचीत के रास्ते पर आना पड़ा। साथ ही उन्होंने कहा कि संगठन अब शिक्षा सुधारों के मुद्दे पर भी सरकार के साथ संवाद जारी रखेगा।













